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14-Sep-2026 03:38 PM
नई दिल्ली। मक्का के बिजाई क्षेत्र में करीब 2.50 लाख हेक्टेयर की भारी गिरावट आने के बावजूद इस वर्ष खरीफ कालीन मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 183.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल के क्षेत्रफल 182.48 लाख हेक्टेयर से 69 हजार हेक्टेयर ज्यादा है। इसका कारण खासकर ज्वार के रकबे में 1.10 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा के बिजाई क्षेत्र में 2.01 लाख हेक्टेयर का इजाफा होना है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर ज्वार का रकबा 12.61 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 13.71 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 62.89 लाख हेक्टेयर से उछलकर 64.88 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जबकि दूसरी ओर मक्का का उत्पादन क्षेत्र 94.08 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 91.59 लाख हेक्टेयर तथा रागी का रकबा 8.77 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 8.67 लाख हेक्टेयर रह गया।
पहले रागी की बिजाई काफी पिछड़ रही थी। खरीफ सीजन के अन्य मोटे अनाजों (स्मॉल मिलेट्स) का क्षेत्रफल 4.15 लाख हेक्टेयर सुधरकर 4.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। मोटे अनाजों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है।
मक्का के बिजाई क्षेत्र में गिरावट का अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था क्योंकि इसका बाजार भाव तथा केन्द्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) किसानों के लिए आकर्षक नहीं था। हालांकि बाजार का दाम भी एमएसपी से कुछ नीचे ही था लेकिन फिर भी इसकी खेती में किसानों ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई।