मानसून की बारिश प्रभावित होने पर खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा

02-Apr-2026 05:48 PM

मुम्बई। एक अंतर्राष्ट्रीय कम्पनी ने भारत में इस वर्ष अल नीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर रहने तथा प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में सामान्य औसत से कम बारिश होने की आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे खाद्यान्न के उत्पादन में गिरावट आने तथा खाद्य महंगाई बढ़ने की संभावना रह सकती है।

फर्म की एक रिपोर्ट में कहा गया है की यद्यपि सरकार के पास चावल और गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है जिससे कुछ सहायता मिल सकती है लेकिन कुल मिलाकर महंगाई का स्तर ऊंचा रह सकता है। दालों-तेलों की कीमत भी बढ़ सकती है। 

रिपोर्ट के मुताबिक अल नीनो का प्रकोप जुलाई-सितम्बर की तिमाही में ज्यादा गंभीर हो सकता है जबकि खरीफ फसलों की खेती एवं प्रगति के लिए यह अवधि सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। इस अवधि में राष्ट्रीय स्तर पर 5 से 10 प्रतिशत कम बारिश होने की संभावना है जबकि दो वर्षा के बीच अंतराल लम्बा हो सकता है।

बारिश की ज्यादा कमी देश के पश्चिमोत्तर एवं मध्य उत्तरी भाग में होने की आशंका है जिससे खासकर मोटे अनाजों एवं दलहनों की बिजाई प्रभावित हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में वर्षा 20 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है। फसलों की सिंचाई के लिए बांधों-जलाशयों में भी पानी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है।