मक्का को छोड़ अन्य मोटे अनाजों के एमएसपी में अच्छी बढ़ोत्तरी

15-May-2026 05:26 PM

नई दिल्ली। हालांकि केन्द्र सरकार ने 2026-27 के खरीफ मार्केटिंग सीजन हेतु मोटे अनाजों के संवर्ग में ज्वार, बाजरा एवं रागी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अच्छी बढ़ोत्तरी कर दी है मगर सबसे प्रमुख सदस्य- मक्का के समर्थन मूल्य को केवल 10 रुपए प्रति क्विंटल ही बढ़ाया है। 

मक्का एक बहुपयोगी मोटा अनाज है। पहले इसका उपयोग मानवीय खाद्य उद्देश्य के साथ-साथ पॉल्ट्री फीड, पशु आहर तथा स्टार्च निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता था और अब भी किया जा रहा है जबकि पिछले दो-तीन साल से एथनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित-प्रोत्साहित किया और इसका सार्थक परिणाम भी सामने आया। मक्का के घरेलू उत्पादन  में शानदार बढ़ोत्तरी हुई। 

लेकिन सरकार की नई घोषणा से स्पष्ट संकेत मिलता है कि अब मक्का के उत्पादन को हतोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। मक्का का घरेलू बाजार भाव पहले ही घटकर एमएसपी से काफी नीचे आ चुका है और केन्द्र सरकार किसानों को मूल्य समर्थन योजना का लाभ देने का कोई गंभीर प्रयास नहीं कर रही है। एथनॉल निर्माता भी सस्ते दाम पर मक्का खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। इस वर्ष खरीफ सीजन में मक्का की बिजाई एवं पैदावार पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। 

केन्द्र सरकार ने 2025-26 के मुकाबले 2026-27 सीजन के लिए हाइब्रीड ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3699 रुपए से बढ़ाकर 4023 रुपए प्रति क्विंटल तथा मलदंडी ज्वार का 3749 रुपए से बढ़ाकर 4073 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इस तरह ज्वार के समर्थन मूल्य में 324 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इसी तरह बाजरा का एमएसपी 2775 रुपए से 125 रुपए बढ़ाकर 2900 रुपए प्रति क्विंटल तथा रागी का समर्थन मूल्य 4886 रुपए स 319 रुपए बढ़ाकर 5205 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है। लेकिन मक्का के एमएसपी में महज 10 रुपए की मामूली बढ़ोत्तरी की गई है जिससे यह 2400 रुपए से सुधरकर 2410 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा है।