कालीमिर्च की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव की उम्मीद
15-May-2026 08:22 PM
कोच्चि। हालांकि मसाला उत्पाद के निर्माताओं एवं दिसावरी व्यापारियों द्वारा कालीमिर्च की मानसून- पूर्व लिवाली में अच्छी दिलचस्पी दिखाई जा रही है मगर पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण निर्यातकों की गतिविधियां सुस्त बनी हुई हैं। केरल में कालीमिर्च फसल की तुड़ाई-तैयारी समाप्त हो चुकी है मगर कर्नाटक में यह अभी जारी है।
कोच्चि के टर्मिनल मार्केट में कालीमिर्च की सीमित आवक हो रही है और अच्छी खरीद-बिक्री के कारण इसका दाम मजबूत बना हुआ है। वहां गार्बल्ड श्रेणी का भाव 725 रुपए प्रति किलो तथा अनगार्बल्ड किस्म का 715 रुपए प्रति किलो चल रहा था।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। दरअसल मानसून सीजन के दौरान कालीमिर्च में नमी का अंश बढ़ जाता है जिस पर उत्पादक तो ज्यादा ध्यान नहीं देते मगर मसाला तेल एवं ओलियोरेसिन बनाने वाली फर्मों को कठिनाई होती है क्योंकि इससे उत्पाद की क्वालिटी कमजोर हो जाती है। इसे देखते हुए कंपनियां पहले ही सूखे माल की खरीद करके उसका सुरक्षित भंडारण करना पसंद करती हैं।
दिसावरी व्यापारियों / स्टॉकिस्टों को भी मानसून सीजन के दौरान माल मंगाने में कठिनाई होती है। विदेशों से फिलहाल कालीमिर्च का नगण्य आयात हो रहा है इसलिए कीमतों पर ज्यादा दबाव नहीं है।
