मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप सरसों के दाम में उतार-चढ़ाव
20-Apr-2024 07:46 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय एजेंसी- नैफेड की खरीदारी जारी रहने के बावजूद प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में सरसों के दाम में अपेक्षित तेजी का माहौल नहीं बन रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि मंडियों पर रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन एवं विशाल आवक का दबाव पड़ रहा है। उद्योग-व्यापार संगठनों ने 123 लाख टन एवं केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 127 लाख टन सरसों के रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया है। बेशक सरकार ने इस बार 28.20 लाख टन सरसों की खरीद का लक्ष्य रखा है। जो पिछले साल की कुल खरीद 11.25 लाख टन का लगभग ढाई गुना है लेकिन जब तक खरीद की रफ्तार तेज नहीं होगी तब तक सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे ही रहेगा।
42% कंडीशन सरसों
प्रमुख उत्पादक राज्यों में 12 से 18 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। 42 प्रतिशत वाली सरसों का भाव दिल्ली में 5200 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा जबकि जयपुर में 25 रुपए सुधरकर 5375/5400 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।
गुजरात
लूज (औसत) सरसों की कीमतों में भी सीमित उतार-चढ़ाव रहा। गुजरात के धनेरा में यह 100 रुपए तेज रहा। हरियाणा में सरसों के दाम में 100 रुपए की तेजी मगर बरवाला में 150 रुपए की गिरावट देखी गई। मध्य प्रदेश में सरसों की कीमत मुरैना तथा पोरसा मंडी में 25-25 रुपए तथा ग्वालियर में 100 रुपए प्रति क्विंटल घट गई। उत्तर प्रदेश की हापुड़ मंडी में भाव 50 रुपए गिरकर 5450 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया मगर आगरा में 5675/5800 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा।
राजस्थान
सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में सरसों का भाव गंगानगर में 75 रुपए बढ़ा, भरतपुर एवं अलवर में लगभग स्थिर रहा मगर कोटा में 100 रुपए तथा बूंदी में 400 रुपए घटकर क्रमश: 4000/4900 रुपए एवं 4900 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
सरसों तेल
सरसों तेल का दाम भी 5-10 रुपए नरम रहा जबकि कुछ इकाइयों में 15-20 रुपए तक घट गया। मुरैना में एक्सपेलर एवं कच्ची घानी सरसों तेल का भाव 20-20 रूपये घट गया। चरखी दादरी में भाव 15 रूपये नरम रहा। दिल्ली में भी 5 रूपये की नरमी आई। आगरा में दाम 30 रुपए प्रति 10 किलो नीचे आया।
आवक
सप्ताह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सरसों की आवक घटती-बढ़ती रही। 12 अप्रैल को 7.75 लाख बोरी सरसों की आवक हुई जो 13 अप्रैल को गिरकर 6.50 लाख बोरी एवं 15 अप्रैल को घटकर 6.00 लाख बोरी पर आने के बाद 16 अप्रैल को सुधरकर 7.25 लाख बोरी तथा 17 अप्रैल को उछलकर 9.25 लाख बोरी पर पहुंचने के बाद 18 अप्रैल में गिरकर 9.00 लाख बोरी रह गई। प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है।
