लालमिर्च में तेजी की संभावना नहीं
22-Nov-2023 07:17 PM
नई दिल्ली । जानकार सूत्रों का कहना है कि लालमिर्च की कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। क्योंकि उत्पादक केन्द्रों पर नए मालों की आवक शुरू हो गई है। और इस वर्ष आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में लालमिर्च का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में अधिक होने के समाचार मिल रहे हैं।
नए मालों की आवक का दबाव दिसम्बर-जनवरी माह में बनेगा। अतः निर्यातकों की लिवाली जनवरी माह में निकलेगी। वर्तमान कोल्ड के मालों की क्वालिटी हल्की होने के कारण निर्यातक मांग कम है।
निर्यातक नए सूखे मालों की आवक बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। वैसे भी आमतौर पर नववर्ष एवं क्रिसमस के कारण दिसम्बर में निर्यात मांग कम ही रहती है।
सूत्रों का कहना है कि नए मालों की आवक का दबाव बनने पर गुंटूर मंडी में तेजा का भाव 200 रुपए बन जाना चाहिए जोकि वर्तमान 230/232 रुपए चल रहा है। आज गुंटूर मंडी में पुराने मालों की आवक लगभग 90 हजार बोरी की रही जबकि नए मालों की आवक 4/5 हजार बोरी की हुई।
