खाद्यान्न का सरकारी स्टॉक 746 लाख टन के पार

30-Apr-2026 07:28 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सकल स्टॉक बढ़कर 28 अप्रैल 2026 को 746.33 लाख टन पर पहुंच गया जबकि 1 अप्रैल को 602 लाख टन ही था। दरअसल अप्रैल माह के दौरान भारी मात्रा में गेहूं की खरीद होने से कुल भंडार में काफी बढ़ोत्तरी हो गई।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल को सरकारी गोदामों में 222 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद था जो 28 अप्रैल तक आते-आते उछलकर 390.27 लाख टन पर पहुंच गया। गेहूं की जोरदार खरीद अभी जारी है इसलिए आगामी समय में इसका स्टॉक और भी बढ़ सकता है। इस बार 345 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। 

जहां तक चावल का सवाल है तो केन्द्रीय पूल में इसका स्टॉक 1 अप्रैल को 380 लाख टन से घटकर 28 अप्रैल को 356.06 लाख टन रह गया। शीघ्र ही रबी कालीन धान की सरकारी खरीद जोर पकड़ने वाली है। वैसे भी चावल का वर्तमान स्टॉक न्यूनतम आवश्यक आरक्षित स्टॉक की तुलना में काफी अधिक और सुविधाजनक स्तर पर है। मिलर्स से चावल प्राप्त हो रहा है। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च 2026 को केन्द्रीय पूल में 364.74 लाख टन चावल एवं 236.22 लाख टन गेहूं के साथ कुल 600.96 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था। पिछले साल अप्रैल के आरंभ में कुल 500.03 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक उपलब्ध था जिसमें 382.09 लाख टन चावल तथा 117.94 लाख टन गेहूं की मात्रा शामिल थी।

इसी तरह 1 अप्रैल 2024 को खाद्यान्न का स्टॉक घटकर महज 376.59 रह गया था जिसमें 301.57 लाख टन चावल तथा 75.02 लाख टन गेहूं का स्टॉक सम्मिलित था। 1 अप्रैल 2024 की तुलना में 28 अप्रैल 2026 को खाद्यान्न का सरकारी स्टॉक लगभग दोगुना बढ़ गया। लम्बे अरसे के बाद इस बार खाद्यान्न का स्टॉक 700 लाख टन से ऊपर पहुंचा है। 

केन्द्रीय पूल में विशाल उपलब्धता एवं थोक मंडियों में नीचे दाम को देखते हुए सरकार ने गेहूं का निर्यात कोटा 25 लाख टन से दोगुना बढ़ाकर 50 लाख टन निर्धारित किया है जबकि गेहूं उत्पादों का निर्यात कोटा पहले ही 5 लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन नियत किया जा चुका है।