खाद्य तेल उपभोक्ताओं की पसंद के अनुरूप तिलहनों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने का प्रयास

14-Jan-2025 01:35 PM

नई दिल्ली । देश में पहली बार केन्द्रीय कृषि मंत्रालय 'माई गोव' प्लेटफार्म का उपयोग करते हुए खास तेलों पर एक सर्वेक्षण संचालित कर रहा है ताकि उपभोक्ताओं की पसंद के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए नीति का निर्माण किया जा सके।

इससे किसानों को भी लाभ होगा क्योंकि वे अधिक मांग वाली फसलों की खेती को प्राथमिकता देंगे और देश के खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाने में सहायता प्रदान करेंगे। 

9 जनवरी को इस सर्वे की शुरुआत हुई जो 23 फरवरी तक जारी रहेगी। इसके बाद कृषि मंत्रालय का सांख्यिकी प्रकोष्ठ इन आंकड़ों का आंकलन- विश्लेषण करेगा और उसके आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

हालांकि इससे पूर्व 10,103 करोड़ रुपए की राशि के साथ 'नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयल सीड्स) की शुरुआत अक्टूबर 2024 में ही हो चुकी है लेकिन सर्वेक्षण रिपोर्ट के अध्ययन-विश्लेषण के बाद आवश्यकता के अनुरूप इस मिशन के लक्ष्य एवं कार्य कलाप को उपयुक्त ढंग से संशोधित किया जा सकता है।

यह मिशन अगले छह वर्षों के लिए क्रियान्वित किया जाएगा जिसका लक्ष्य देश में तिलहन फसलों के कुल वार्षिक उत्पादन को 2022-23 के करीब 390 लाख टन से बढ़ाकर 2030-31 तक 697 लाख टन पर पहुंचाना है। 

नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल -ऑयल पाम के साथ इस मिशन के अंतर्गत स्वदेशी खाद्य तेलों का सालाना उत्पादन बढ़ाकर वर्ष 2030-31 तक 254.50 लाख टन पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इससे देश में खाद्य तेलों की 72 प्रतिशत मांग एवं जरूरत को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। वर्तमान समय में केवल 40-45 प्रतिशत जरूरत ही स्वदेशी उत्पादन से पूरी हो रही है जबकि 55-60 प्रतिशत खाद्य तेलों की घरेलू मांग को विदेशों से आयात के जरिए पूरा करना पड़ता है।