खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हेतु राज्यों से जोरदार प्रयास करने का आग्रह

08-Jan-2025 01:34 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्री ने राज्य से आग्रह किया है कि खाद्य तेलों-तिलहनों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने तथा विदेशों से आयात पर निर्भरता घटाने के लिए खाद्य तेल-ऑयल पाम पर गठित राष्ट्रीय मिशन के साथ पूरा सहयोग किया जाए और खासकर ऑयल पाम के बागानी क्षेत्र के विकास-विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाए।

कृषि मंत्री का कहना था कि समेकित प्रयासों एवं नव सृजनात्मक उपायों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। 

भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे प्रमुख आयातक देश बना हुआ है और यहां आयात होने वाले खाद्य तेलों पर वार्षिक खर्च उछलकर 16 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है।

राष्ट्रीय अर्थ व्यवस्था पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्वदेशी किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए तिलहनों की पैदावार में भारी इजाफा होना आवश्यक है।

इससे जहां क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल प्राप्त होगा और उसकी क्रशिंग-प्रोसेसिंग क्षमता से अधिक भाग का उपयोग हो सकेगा वहीं देश से डीओसी का निर्यात बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

भारत में वर्ष 2025-26 तक ऑयल पाम का बागानी क्षेत्र बढ़ाकर 6.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है मगर इसके लिए प्रांतीय स्तर पर समुचित प्रयास नहीं हो रहा है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों में ऑयल पाम की अच्छी खेती होने की गुंजाईश है जबकि दक्षिण भारत के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक एवं पांडिचेरी में जलवायु इसके लिए अनुकूल है।