खरीफ सीजन में बढ़ सकता है कपास का रकबा
31-Mar-2026 05:35 PM
मुम्बई। रूई की कीमतों में हो रही वृद्धि तथा आगामी महीनों में अल नीनो मौसम चक्र के आने की आशंका को देखते हुए चालू वर्ष के दौरान खरीफ सीजन में कपास का बिजाई क्षेत्र कुछ बढ़ने की संभावना है। ज्ञात हो कि कपास की फसल को धान की अपेक्षा कम पानी की आवश्यकता पड़ती है।
कुछ समीक्षकों का मानना है कि इस वर्ष कपास के क्षेत्रफल में 20 प्रतिशत तक का भारी इजाफा हो सकता है। पिछले दो-तीन वर्षों से इसके रकबे एवं उत्पादन में कमी आ रही है मगर इस बार रुख पलटने की संभावना है। उधर अमरीका और ऑस्ट्रलिया जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक देशों में कपास का क्षेत्रफल घटने की संभावना है।
पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान जैसे उत्तरी राज्यों में किसानों द्वारा कपास बीज की खरीदारी शुरू कर दी गई है। वहां अप्रैल में ही इसकी बिजाई आरंभ हो जाती है कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर कपास के रकबे में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। 2025 में महाराष्ट्र में एचटीवी से कॉटन की खेती अधिक क्षेत्रफल में हुई जिससे वहां कपास का उत्पादन काफी बढ़ गया। इस बार भी वहां रकबा बढ़ने की उम्मीद है।
