क्या मेथी तोड़ेगी 2026 का स्तर ?
28-Apr-2026 07:26 PM
नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं गुजरात में मेथी की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत घटकर 1.15 लाख हेक्टेयर की रह गई है। हालांकि पूर्व में अनुमान लगाया जा रहा था कि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में वृद्धि होगी। लेकिन वर्तमान में मंडियों में हो रही आवक को देखते हुए व्यापारिक अनुमान है कि फसल में पोल है। जिस कारण से आवक आशानुरूप नहीं हो रही है।
कमजोर आवक एवं बकाया स्टॉक भी कम रह जाने के कारण बाजार में व्यापारिक मनोवृत्ति तेजी की बन गई है। जिस कारण से चालू माह के दौरान मेथी के भाव 4/5 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए है। वर्तमान में मध्य प्रदेश की मंडियों में एवरेज क्वालिटी मेथी का भाव बढ़कर 6300/6700 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गया है। हाल-फिलहाल कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। मिडिल ईस्ट देशों में हालात सामान्य हो जाने के पश्चात निर्यात मांग में वृद्धि होगी और कीमतों में भी अच्छी तेजी देखी जा सकती है।
वर्ष 2026 का स्तर
जावरा के प्रसिद्ध एक विश्वसनीय प्रतिष्ठान मै० सेंचुरी स्पाईस प्रा० लि० के डायरेक्टर श्री पंकज लुककड़ का कहना है कि चालू सीजन के दौरान मेथी के भाव 2016 का स्तर पार कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में शार्टेक्स मेथी का भाव 92/93 रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था जबकि वर्तमान में भाव 69/70 रुपए का चल रहा है। पंकज जी का कहना है कि गत वर्षों में अप्रैल माह के दौरान मंडियों में नई मेथी की आवक जोरों पर होती थी लेकिन इस वर्ष आवक गत वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत हो रही है। हालांकि गत दिनों फिस्स द्वारा मेथी उत्पादन का अनुमान 15 लाख क्विंटल माना गया था लेकिन मंडियों में आवक को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि उत्पादन 12/13 लाख क्विंटल तक ही सिमट जाएगा।
उपलब्धता कम
जानकारों का कहना है कि सालाना एवं निर्यात को मिलाकर मेथी की कुल आवश्यकता 18/20 लाख क्विंटल की रही है। लेकिन चालू सीजन के दौरान 12/13 लाख क्विंटल नई पैदावार एवं 2/3 लाख क्विंटल बकाया स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता 14/16 लाख क्विंटल की रहेगी। जिस कारण से आगामी दिनों में कीमतों में तेजी संभव है।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जनवरी- 2026 यानी कि 10 माह के दौरान मेथी का निर्यात 40633 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 304.97 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी- 2025 में 35907 टन का निर्यात किया गया था और निर्यात से प्राप्त आय 298.4 करोड़ की रही।
