कृषि ऋण 13 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 27-28 ट्रिलियन रुपए पर पहुंचने का अनुमान
06-Jan-2025 06:42 PM
मुम्बई । राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन ने कहा है कि पिछले साल की तुलना में चालू वित्त वर्ष के दौरान कृषि क्षेत्र के लिए ऋण की राशि 13 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 27-28 ट्रिलियन (खरब) रुपए पर पहुंच सकती है पिछले एक दशक के दौरान कृषि ऋण में औसतन सालाना 13 प्रतिशत का इजाफा हुआ
जबकि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान ऋण की कुल राशि उससे ज्यादा तेज गति से बढ़कर 27-28 ट्रिलियन रुपए पर पहुंचने की उम्मीद है।
यह वृद्धि अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा है। दिलचस्प तथ्य यह है कि अनौपचारिक ऋण स्रोत पर निर्भरता में भारी कमी आ रही है मगर औपचारिक कर्ज का स्तर बढ़ता जा रहा है।
इससे ग्रामीण क्षेत्र के ऋण निर्माण में बढ़ोत्तरी के रुख का स्पष्ट संकेत मिलता है। इससे ग्रामीण समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ हो रहा है। दरअसल औपचारिक ऋण स्रोतों पर ब्याज दर अपेक्षाकृत नीचे रहती है जिससे ऋण लेने वाले लोगों के लिए बेहतर मार्जिन बन जाता है।
उल्लेखनीय है कि सरकार प्रत्येक वर्ष अनुसूचित व्यावसयिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा ग्रामीण सहकारी बैंक के लिए ऋण क्षेत्र को दिए जाने वाले ग्राऊंड लेवल के ऋण के लिए लक्ष्य निर्धारित करती है और उसके अनुरूप किसानों को ऋण का वितरण होता है।
वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान करीब 25.10 ट्रिलियन ऋण का वितरण हो चुका है जो 20 ट्रिलियन रुपए के नियत लक्ष्य से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है। ऋण में होने वाली इस भारी बढ़ोत्तरी को देखते हुए नाबार्ड के चेयरमैन का कहना है कि किसानों को ऋण में बढ़ोत्तरी के लिए अपना पिछला रिकॉर्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता पड़ेगी जिसके लिए 'के वाई सी' होना जरुरी है। यह प्रक्रिया उसकी कृषि सम्बन्धी गतिविधियों से जुड़ी होनी चाहिए।
