कृषि क्षेत्र के लिए बजट आवंटन में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद
27-Jan-2025 03:49 PM
नई दिल्ली । अगले महीने के आरंभ में लोकसभा में पेश किए जाने वाले वित्त वर्ष 2025-26 के केन्द्रीय आम बजट में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के लिए धनराशि का आवंटन लगभग 15 प्रतिशत बढ़ाने का प्लान है जो पिछले छह साल में होने वाला सबसे बड़ा वार्षिक इजाफा होगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह बजट आवंटन 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था मजबूत बनाने, किसानों की आमदनी बढ़ाने तथा खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
इस अतिरिक्त बजट आवंटन के तहत खासकर उच्च उपज दर वाली फसलों के बीजों के विकास भंडारण तथा आपूर्ति-श्रृंखला के लिए बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विस्तार और दलहनों, तिलहनों, सब्जियों तथा डेयरी उत्पादों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में चावल, गेहूं एवं चीनी का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक देश है जबकि दलहन उत्पादन में नम्बर वन पोजीशन पर रहता है। इसके बावजूद खाद्य महंगाई की दर बहुत ऊंची चल रही है।
अक्टूबर 2024 में यह आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत की सीमा को पार कर गई थी। उसके बाद से इसमें थोड़ी नरमी आने लगी। वर्तमान समय में खाद्य उत्पादों का भाव सामान्य स्तर से ऊंचा ही है।
खाद्य महंगाई में तेजी को नियंत्रित करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत गेहूं सहित कुछ अन्य खाद्य उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया और भंडारण सीमा का आदेश भी लागू किया गया तो दूसरी और कुछ दलहनों के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया गया और इसकी समय सीमा भी बढ़ा दी गई।
जानकार सूत्रों के अनुसार 2024-25 के मौजूदा वित्त वर्ष में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के लिए कुल 1.52 ट्रिलियन रुपए का बजट आवंटन हुआ था जबकि अगले वित्त वर्ष (2025-26) में इसकी राशि बढ़ाकर करीब 1.75 ट्रिलियन रुपए (20.20 अरब डॉलर) नियत किए जाने की उम्मीद है।
इसके तहत कृषि मंत्रालय का बजट 1.23 ट्रिलियन रुपए से आगे बढ़ाया जाना भी शामिल है। इसके अलावा नई-नई प्रजातियों एवं किस्मों की फसल के लिए अनुसंधान एवं विकास के मद में बजट आवंटन बढ़ाया जा सकता है जो 2024-25 के वित्त वर्ष में 99.41 अरब रुपए निर्धारित किया गया था।
