ज्यादा गर्मी की भविष्यवानी पर गेहूं उत्पादकों के लिए एडवायजरी जारी
04-Apr-2024 10:35 AM
नई दिल्ली । भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अधीनस्थ निकाय- भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान ने मौसम विभाग द्वारा आगामी एक पखवाड़े तक भारी गर्मी पड़ने का अनुमान व्यक्त किए जाने के आलोक में विभिन्न राज्यों के गेहूं उत्पादकों के लिए एडवायजरी जारी की है।
संस्थान के अनुसार किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गेहूं के खेतों में नमी की आवश्यक मात्रा मौजूद रहे और जरूरत पड़ने पर एक हल्की सिंचाई की जाए ताकि बढ़ती गर्मी से फसल सूखने न पाए।
संस्थान ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा एवं पंजाब के किसानों को आगाह किया है कि ऊंचे तापमान से गेहूं की फसल प्रभावित हो सकती है इसलिए ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इन प्रांतों में नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो चुकी है जबकि 10 अप्रैल से इसकी रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। संस्थान के निदेशक ने देश के मध्यवर्ती एवं दक्षिणी प्रायद्वीपीय राज्यों के किसानों को फसल कटाई के समय खेतों में पर्याप्त नमी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है।
इसी तरह देश के पूर्वोत्तर एवं पश्चिमोत्तर क्षेत्र के किसानों से कहा गया है कि जरूरत के अनुसार फसल की हल्की सिंचाई की जाए ताकि उसका ठीक से विकास होता रहे।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य है जो इसके कुल घरेलू उत्पादन में करीब एक-तिहाई योगदान देता है। 2023-24 सीजन के दौरान देश में 420 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अब पंजाब-हरियाणा में भी गेहूं की नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है।
