जनवरी में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में मिश्रित रूख

17-Feb-2026 08:37 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी 2026 के दौरान भारत से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों, मसालों, सूखे मेवे (काजू) एवं डेयरी तथा पॉल्ट्री उत्पादों के निर्यात में आमदनी की दृष्टि से मिश्रित रुख रहा।

इसके तहत चावल, चाय, मसाले, काजू एवं ऑयल मील की निर्यात आय में भारी गिरावट आई जबकि दूसरी ओर कॉफी, फल एवं सब्जी, डेयरी उत्पाद एवं पॉल्ट्री उत्पादों की निर्यात आमदनी में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई। सोना-चांदी की निर्यात आय भी कई गुणा बढ़ गई। 

जहां तक आयात पर होने वाले खर्च का सवाल है तो जनवरी में रूई तथा कॉटन वैस्ट, वनस्पति तेल तथा अलौह धातुओं के मामले में यह काफी बढ़ गया लेकिन दलहनों एवं पेट्रोलियम के आयात खर्च में कमी आ गई। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में चावल के निर्यात से प्राप्त आमदनी घटकर 1.03 अरब डॉलर रह गई जो जनवरी 2025 की निर्यात आय 1.37 अरब डॉलर से करीब 25 प्रतिशत या 34 करोड़ डॉलर कम रही। इसी तरह मसालों की निर्यात आय 10 प्रतिशत गिरकर 30.542 करोड़ डॉलर पर अटक गई।

लेकिन डेयरी एवं पॉल्ट्री उत्पादों की निर्यात आय 18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 60.784 करोड़ डॉलर पर पहुंची लेकिन ऑयल मील की निर्यात आमदनी 7 प्रतिशत गिरकर 10.88 करोड़ डॉलर रह गई। गहने-जेवरातों का निर्यात भी 23 प्रतिशत गिरकर 2.31 अरब डॉलर रह गया। 

दलहनों का आयात खर्च 47 प्रतिशत घटकर 40.112 करोड़ डॉलर पर आ गया। समीक्षकों का कहना है कि कुछ कृषि प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात की मात्रा घट गई जबकि कुछ अन्य उत्पादों के निर्यात ऑफर मूल्य में गिरावट आ गई।

डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर काफी नीचे रहने से भी डॉलर में आमदनी पर असर पड़ा। भारत दुनिया में चावल एवं मसालों का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है। इसकी निर्यात आमदनी में कमी आने का असर कुल निर्यात आय पर पड़ना स्वाभाविक ही है।