इस्मा द्वारा सरकार से चीनी के एमएसपी की समीक्षा करने का आग्रह

19-Mar-2026 04:19 PM

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की चीनी मिलों पर चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान 28 फरवरी 2026 तक गन्ना उत्पादकों का बकाया बढ़कर 4898 करोड़ रुपए के उच्च स्तर पर पहुंचने से चिंतित इस्मा ने केंद्र सरकार से तत्काल चीनी के एक्स फैक्ट्री न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) की समीक्षा करके इसमें समुचित बढ़ोत्तरी करने का आग्रह किया है। महाराष्ट्र के गन्ना किसानों में असंतोष बढ़ रहा है।

शीर्ष उद्योग संस्था - इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का सीजन काफी आगे बढ़ चुका है और अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। स्वदेशी उद्योग जल्दी से जल्दी चीनी के एमएसपी में बढ़ोत्तरी की सरकारी घोषणा का बेसब्री से इन्तजार कर रहा है। चीनी उत्पादन का लागत खर्च काफी ऊंचा हो गया है और मिलों की आमदनी घट गयी है। चीनी मिलों को जबरदस्त नकदी प्रवाह के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसके फलस्वरूप चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया बढ़कर केवल महाराष्ट्र में ही 49 अरब रुपए के करीब पहुंच गया है। मिलों को घाटे के साथ अपनी चीनी की बिक्री करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

इस्मा के अनुसार 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में 28 फरवरी 2025 तक महाराष्ट्र की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 2949 करोड़ रुपए मौजूद था जिसका बाद में भुगतान कर दिया गया। सरकार को लागत खर्च में हुई वृद्धि के अनुरूप यथाशीघ्र चीनी का एमएसपी बढ़ाना चाहिए ताकि मिलर्स सहित समय पर गन्ना मूल्य बकाया का भुगतान करने में सक्षम हो सकें।