इप्सता द्वारा मसालों में ई टीओ की उपस्थिति के मुद्दे पर सभी पक्षों से मिलकर काम करने का सुझाव
09-May-2024 08:08 PM
कोच्चि । भारतीय कालीमिर्च एवं मसाला व्यापार संघ (इप्सता) ने मसाला बोर्ड, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) तथा व्यापारियों- निर्यातकों के संगठनों से आग्रह किया है कि वे आयातक देशों की जरूरतों के अनुरूप मसालो में एथीलीन ऑक्साइड (ईटीओ) की उपस्थिति की अनुमति दिलवाने तथा इस भ्रान्ति को दूर करने के लिए साथ-साथ मिलकर काम करे कि ईटीओ एक कीटनाशक है।
भारत में मसालों, खाद्य पदार्थों एवं औषधीय सामानों का ट्रीटमेंट सुरक्षित है। मसालों में ईटीओ के इस्तेमाल का सही तरीका अपनाया जाता है और यह मानवीय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होता है क्योंकि अनेक पौधों में यह प्राकृतिक रूप से ही उपस्थित रहता है।
इप्सता द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ईटीओ मसालों में रंग, सुगंध, स्वाद एवं प्राकृतिक तेलों के संरक्षण के लिए जाना जाता है।
इस हकीकत की पुष्टि की जाती है कि भारत से निर्यात होने वाले मसालों की क्वालिटी सर्वोत्तम होती है और निर्यातक विभिन्न आयातक देशों के गुणवत्ता मानक को हमेशा बरकरार रखते हैं।
ध्यान देने की बात है कि भारत की दो अग्रणी मसाला निर्यातक फर्मों के दो-तीन उत्पादों को हांगकांग एवं सिंगापुर में यह कहते हुए प्रतिबंधित किया गया है कि उसमें ईटीओ का अंश स्वीकृत स्तर से ज्यादा है। किसी अन्य देश ने अभी तक कोई आपत्ति नहीं जताई है जबकि इन फर्मों के मसालों का निर्यात अनेक देशों को किया जाता है।
