इंडोनेशिया में पाम तेल का उत्पादन 480 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद

28-Apr-2026 01:52 PM

जकार्ता। पाम तेल की सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- इंडोनेशिया में इस महत्वपूर्ण वनस्पति तेल के उत्पादन  में 3 प्रतिशत का इजाफा होने की संभावना है। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) के अनुसार वहां 2025-26 के सीजन में 467 लाख टन पाम तेल का उत्पादन हुआ था जो 2026-27 के सीजन में 13 लाख टन बढ़कर 480 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है।

इसका एक कारण यह है कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच जो बागान लगाए गए थे उसमें अब अधिक पाम का उत्पादन बढ़ना शुरू हो गया है। इसके अलावा इन बागानों में पाम के ऐसे उन्नत एवं विकसित किस्मों के बीज का इस्तेमाल ज्यादा हुआ जिसकी उपज दर ऊंची होती है। लेकिन इन सकारात्मक कारको के बावजूद इंडोनेशिया में वर्ष 2025 के दौरान ऑयल पाम के बागानों का ज्यादा विकास-विस्तार नहीं हो सका। 

इंडोनेशिया में पाम तेल का उत्पादन एवं उपयोग निरन्तर बढ़ता जा रहा है। 1 जुलाई 2026 से वहां बी 50 प्रोग्राम लागू करने का निर्णय लिया गया है जिससे बायो डीजल में 50 प्रतिशत पाम तेल का उपयोग करना अनिवार्य हो जाएगा। अभी इस मिश्रण का स्तर 40 प्रतिशत है। इससे पाम तेल की घरेलू मांग एवं खपत में अच्छी बढ़ोत्तरी हो जाएगी और निर्यात उद्देश्य के लिए स्टॉक कम बचेगा। भारत में पाम तेल का सर्वाधिक आयात इंडोनेशिया से ही होता है।

चालू वर्ष के दौरान इंडोनेशिया को भी अल नीनो मौसम चक्र के प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है जिससे वर्ष 2026 को दूसरी छमाही में पाम की उपज दर प्रभावित होने की आशंका है। इसके फलस्वरूप पाम तेल के उत्पादन में सीमित बढ़ोत्तरी ही संभव हो सकेगी। 

इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी ने इस वर्ष शुष्क मौसम कुछ पहले ही आरंभ होने की संभावना व्यक्त की है जिससे पाम के बागानों में सिंचाई का संकट बढ़ सकता है। छोटे-छोटे उत्पादकों को इससे ज्यादा कठिनाई होगी। देश के अंदर पाम तेल की खपत 2 प्रतिशत बढ़कर 231 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।