ग्रीष्मकालीन फसलों का रकबा 72.30 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा

28-Apr-2026 11:42 AM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान ग्रीष्मकालीन (जायद सीजन) फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 70.19 लाख हेक्टेयर से करीब 3 प्रतिशत या 2.11 लाख हेक्टेयर बढ़कर 72.30 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। हालांकि इस अवधि में धान एवं बाजरा का क्षेत्रफल घट गया लेकिन दलहन, तिलहन एवं मक्का के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 32.31 लाख हेक्टेयर से घटकर 30.68 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र 15.93 लाख हेक्टेयर से उछलकर 17.19 लाख हेक्टेयर, मोटे अनाजों का रकबा 14.25 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 15.21 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 7.71 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.21 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

दलहन फसलों के संवर्ग में मूंग का उत्पादन क्षेत्र 12.99 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 13.17 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का बिजाई क्षेत्र 2.75 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.72 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसी तरह तिलहन फसलों में मूंगफली का क्षेत्रफल 4.20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.51 लाख हेक्टेयर तथा तिल का रकबा 3.09 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.25 लाख हेक्टेयर हो गया।

जहां तक मोटे अनाजों की बात है तो उसमें बाजरा का बिजाई क्षेत्र 5.20 लाख हेक्टेयर से गिरकर 5.10 लाख हेक्टेयर रह गया लेकिन मक्का का क्षेत्रफल 8.50 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

ग्रीष्मकालीन फसलों का उत्पादन क्षेत्र सामान्य औसत क्षेत्रफल तक पहुंच गया है और अब इसकी बिजाई की गति धीमी पड़ गई है।