गर्मी बढ़ने से दाल-दलहनों की मांग प्रभावित होने के संकेत
03-May-2024 08:43 PM
मुम्बई । देश के कई राज्यों में तापमान ऊंचा रहने, गर्मी बढ़ने, सब्जियों की उपलब्धता आसान होने तथा आम का मौसम शुरू हो जाने से दाल-दलहन की मांग एवं खपत पर असर पड़ने लगा है। सिर्फ अरहर (तुवर) को छोड़कर अन्य दलहनों का भाव या तो स्थिर हो गया है या कुछ नरम पड़ गया है।
दो अन्य कारक भी दलहन बाजार पर प्रभाव डाल रहा है जिसमें सख्त सरकारी नियम एवं पीली मटर का विशाल आयात शामिल है।
एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एन्ड ग्रेन्स एसोसिएशन (इपगा) के चेयरमैन विशाल कोठारी का कहना है कि दाल-दलहन की मांग कमजोर है और गर्मी बढ़ने से इसके उठाव की गति धीमी पड़ गई है।
हालांकि गर्मी के दिनों में दाल-दलहन की मांग कमजोर पड़ना कोई नई बात नहीं है और इसलिए उद्योग-वयापर क्षेत्र इससे चिंतित भी नहीं है मगर यह देखना जरुरी होगा कि आगामी समय में कब यह मांग बढ़नी शुरू होगी।
चना की खरीद-बिक्री की गति धीमी और कीमत कुछ नरम पड़ गई है। मध्य प्रदेश में पिछले दिन इसका भाव 100-150 रुपए प्रति क्विंटल नीचे आया। तुवर का भाव जरूर कुछ ऊंचा और तेजी है मगर अन्य दलहनों में स्थिरता या नरमी है।
इसकी अगली नई फसल दिसम्बर से पहले नहीं आएगी। पिछले दो साल से इसका घरेलू उत्पादन कम हो रहा है लेकिन उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक दालें काफी सस्ते दाम पर उपलब्ध हैं।
कर्नाटक एवं महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में क्वालिटी एवं वैरायटी के आधार पर तुवर का भाव 8000 से 12000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है मसूर का दाम 6000-6100 रुपए एवं चना का 6000-6500 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है।
