गेमा द्वारा सरकार से डिस्टीलरीज को पर्याप्त चावल उपलब्ध करवाने का आग्रह
07-Jan-2025 04:33 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय एजेंसी- भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास विशाल मात्रा में चावल का अधिशेष स्टॉक मौजूद है जबकि-एथनॉल उद्योग को इसकी सख्त जरूरत है।
इसे देखते हुए ग्रेन एथनॉल मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (गेमा) ने सरकार से एथनॉल उद्योग के लिए चावल का अधिशेष स्टॉक जारी करने और अनाज से निर्मित एथनॉल के लिए समान मूल्य स्तर सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
प्रधानमंत्री के एक सलाहकार को सौंपे गए एक औपचारिक ज्ञापन में गेमा ने अनाज आधारित एथनॉल उद्योग के समक्ष उपस्थित चुनौतियों एवं समस्याओं का खुलासा करते हुए सरकार से इसे दूर करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कच्चे माल का खर्च बहुत बढ़ जाने से एथनॉल उत्पादन की लाभप्रदत्ता खत्म होती जा रही है।
गेमा के अध्यक्ष का कहना है कि एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए अनाज आधारित डिस्टीलरीज को समुचित सहयोग-समर्थन एवं प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है।
इस प्रोग्राम के कारण एथनॉल निर्माण क्षेत्र में अब तक 40,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हो चुका है और वह कार्यक्रम राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और खासकर ग्रामीण तथा कृषि क्षेत्र के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।
अनाज आधारित एथनॉल उद्योग का तेजी से विकास-विस्तार हो रहा है और इसकी रफ्तार को बरकरार रखने के लिए यह आवश्यक है कि इसकी लाभप्रदत्ता कायम रहे। कच्चे माल का संकट दूर होना जरुरी है।
इसका भाव काफी ऊंचा होने से डिस्टीलरीज के लिए एथनॉल का उत्पादन जारी रखना मुश्किल हो रहा है क्योंकि यह आर्थिक दृष्टि से गैर लाभप्रद हो गया है।
मक्का का बाजार भाव काफी ऊंचे स्तर पर चल रहा है इसलिए खाद्य निगम के पास चावल का जो पुराना अधिशेष स्टॉक मौजूद है उसे एथनॉल उद्योग के लिए आवंटित किया जाना चाहिए और इसका दाम भी बाजार भाव से नीचे होना चाहिए एथनॉल निर्माताओं को कुछ राहत मिल सके।
