गुजरात में रबी फसलों का बिजाई क्षेत्र बढ़कर 47.55 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
06-Jan-2025 08:37 PM
अहमदाबाद । आरंभिक चरण में पिछड़ने के बाद गुजरात में अब रबी फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 47.55 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंच गया है जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 45.20 लाख हेक्टेयर से करीब 2.35 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
इसके तहत गेहूं सहित मोटे अनाजों एवं दलहनों के क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है मगर तिलहन, गन्ना और कुछ मसाला फसलों (खासकर जीरा) के रकबे में कमी आई है।
राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन में 6 जनवरी 2025 तक गुजरात में गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 12.20 लाख हेक्टेयर से उछलकर 13.42 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का बिजाई क्षेत्र 1.11 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.33 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा।
यद्यपि ज्वार का क्षेत्रफल 22 हजार हेक्टेयर से गिरकर 13 हजार हेक्टेयर पर आया तथा अन्य मोटे अनाजों का रकबा 16-17 हजार हेक्टेयर के पिछले स्तर पर बरकरार रहा मगर कुल अनाजी फसलों का उत्पादन क्षेत्र 13.69 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 15.04 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा गया।
दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 6.75 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 9.11 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसके तहत चना का बिजाई क्षेत्र 6.29 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.40 लाख हेक्टेयर तथा अन्य दलहनों का रकबा 46 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 71 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया।
लेकिन तिलहन फसलों की बिजाई 2.77 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.60 लाख हेक्टेयर पर अटक गई। इसके तहत सरसों का उत्पादन क्षेत्र 2.77 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.58 लाख हेक्टेयर रह गया।
मसाला फसलों के संवर्ग में जीरा का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 5.61 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 4.74 लाख हेक्टेयर, सौंफ का बिजाई क्षेत्र 1.33 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 56 हजार हेक्टेयर तथा ईसबगोल का क्षेत्रफल 30 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 27 हजार हेक्टेयर रह गया लेकिन धनिया का रकबा 1.27 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.29 लाख हेक्टेयर से कुछ ऊपर पहुंच गया।
