गुजरात में बिजाई 17 प्रतिशत कम होने से जीरा का उत्पादन घटने की संभावना
07-Jan-2025 07:49 PM
राजकोट । पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में जीरा की बिजाई लगभग समाप्त हो गई है और वहां इसका उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 5,61,300 हेक्टेयर से 17.22 प्रतिशत घटकर इस बार 4,64,600 हेक्टेयर रह गया है।
लेकिन यह आंकड़ा सामान्य औसत क्षेत्रफल 3,81,424 हेक्टेयर से ज्यादा है। बिजाई क्षेत्र में कमी आने के कारण राज्य में इस वर्ष जीरा का उत्पादन घट सकता है।
उत्पादन में कितनी गिरावट आएगी- यह जनवरी-फरवरी के मौसम पर निर्भर करेगा क्योंकि मार्च से इसकी नई फसल की कटाई-तैयारी जोर पकड़ने लगेगी।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषको का कहना है कि चालू सीजन के उत्पादन क्षेत्र की तुलना में पिछले साल से नहीं की जानी चाहिए क्योंकि बिजाई क्षेत्र की दृष्टि से पिछला साल एक अपवाद था।
उससे पूर्व जीरा का घरेलू बाजार भाव उछलकर सरकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था जिससे उत्पादकों को शानदार आमदनी प्राप्त हुई थी और इसलिए उन्होंने इस महत्वपूर्ण मसाला फसल का रकबा बढ़ाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था।
गत वर्ष की तुलना में इस बार जीरा का उत्पादन वहां कुछ घट सकता है लेकिन कुल मिलाकर सामान्य स्तर पर रहने की उम्मीद है।
राजस्थान में जीरे की बिजाई सामान्य ढंग से होने की सूचना मिल रही है मगर वहां औसत उपज दर गुजरात से नीचे रहती है।
गुजरात की ऊंझा मंडी में औसतन 7-8 हजार बोरी जीरा की दैनिक आवक हो रही है और कीमतों में 50-60 रुपए का उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अप्रैल-सितम्बर 2024 की छमाही में जीरा का निर्यात उछलकर 1.28 लाख टन से ऊपर पहुंच गया।
