गुजरात के सभी प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में जीरा की बिजाई पिछड़ी

09-Jan-2025 05:50 PM

राजकोट । गुजरात में जीरे की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है और कृषि विभाग ने 6 जनवरी तक का जो आंकड़ा जारी किया है उससे पता चलता है कि इस बार क्षेत्रफल में काफी कमी आई है।

राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुजरात में जीरा का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 5,61,300 हेक्टेयर से 15.62 प्रतिशत या 87,700 हेक्टेयर घटकर इस बार 4,73,600 हेक्टेयर पर सिमट गया लेकिन फिर भी यह सामान्य औसत क्षेत्रफल 3,81,424 हेक्टेयर से काफी अधिक रहा।

गुजरात के सभी प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में पिछले साल के मुकाबले इस बार जीरा के रकबे में कमी आई है। सबसे महत्वपूर्ण उत्पादक क्षेत्र- सौराष्ट्र संभाग में जीरा का उत्पादन क्षेत्र 3.94 लाख हेक्टेयर से 18.85 प्रतिशत घटकर 3.20 लाख हेक्टेयर तथा उत्तरी गुजरात में 94 हजार हेक्टेयर से 15.80 प्रतिशत गिरकर 79 हजार हेक्टेयर रह गया।

इसी तरह मध्य गुजरात में जीरे का क्षेत्रफल 18 हजार हेक्टेयर से घटकर 13 हजार हेक्टेयर पर अटक गया लेकिन कच्छ संभाग में 55 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 62 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया।

उद्योग-व्यापार विश्लेषको के अनुसार गुजरात में पिछले साल जीरा के उत्पादन क्षेत्र में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई थी क्योंकि उससे पूर्व इस महत्वपूर्ण मसाले का घरेलू बाजार भाव उछलकर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था जिससे किसानों को इसका क्षेत्रफल बढ़ाने का भरपूर प्रोत्साहन मिला।

लेकिन वर्ष 2024 में जीरा का दाम घटकर सामान्य स्तर पर आ गया और इसलिए वहां किसानों ने इसके बजाए गेहूं, चना तथा मक्का का रकबा बढ़ाने का प्रयास किया।

यह सही है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार गुजरात में जीरा का बिजाई क्षेत्र घटा है लेकिन उससे पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में यह ऊंचा माना जा सका है।