गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से काफी पीछे
30-Apr-2024 11:50 AM
नई दिल्ली । भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू रबी मार्केटिंग सीजन में 27 अप्रैल 2024 तक केन्द्रीय पूल के लिए 178.72 लाख टन गेहूं खरीदा जा सका जो पिछले साल की समान अवधि में 204.56 लाख टन पर पहुंच गया था।
गत वर्ष के मुकाबले इस बार गेहूं की सरकारी खरीद पंजाब में 95.21 लाख टन से घटकर 76.86 लाख टन, मध्य प्रदेश में 51.99 लाख टन से लुढ़ककर 33.59 लाख टन पर सिमट गई जबकि दूसरी ओर खरीद की मात्रा हरियाणा में 55.58 लाख टन से सुधरकर 59.35 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 1.13 लाख टन से उछलकर 5.25 लाख टन तथा राजस्थान में 64 हजार टन से बढ़कर 3.60 लाख टन पर पहुंच गई।
इसके अलावा बिहार, उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश में भी थोड़ी बहुत मात्रा में गेहूं की खरीद हुई। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए पंजाब में 10 लाख टन, हरियाणा तथा मध्य प्रदेश में 80-80 लाख टन,
उत्तर प्रदेश में 60 लाख टन, राजस्थान में 20 लाख टन तथा बिहार में 2 लाख टन सहित राष्ट्रीय स्तर पर कुल 372.90 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय पूल में 99 प्रतिशत गेहूं का योगदान इन छह राज्यों द्वारा दिया जाता है।
पंजाब में गेहूं की फसल की कटाई-तैयारी में देर होने से सरकारी खरीद पीछे चल रही है मगर मध्य प्रदेश में कम खरीद होना आश्चर्य और चिंता का विषय माना जा सकता है।
ध्यान देने की बात है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में गेहूं की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (2275 रुपए प्रति क्विंटल) से ऊपर किसानों को 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है मगर फिर भी मध्य प्रदेश में सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है।
पिछले साल मध्य प्रदेश में कुल करीब 71 लाख टन गेहूं खरीदा गया था जबकि चालू वर्ष में अब तक इसके 50 प्रतिशत भाग की भी खरीद संभव नहीं हो सकी है।
उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में खरीद की स्थिति बेहतर है लेकिन अभी यह कहना मुश्किल है कि वास्तविक खरीद नियत लक्ष्य तक पहुंचेगी या नहीं।
