गेहूं के बिजाई क्षेत्र में आ रही गिरावट गंभीर चिंता का विषय
30-Nov-2023 08:40 PM
नई दिल्ली । सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि चालू रबी सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन क्षेत्र 24 नवम्बर तक 142 लाख हेक्टेयर के करीब ही पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 149 लाख हेक्टेयर से 7 लाख हेक्टेयर या 5 प्रतिशत कम था।
चूंकि आगामी महीनों के दौरान मौसम शुष्क एवं तापमान सामान्य औसत से ऊंचा रहने की आशंका व्यक्त की जा रही है इसलिए बिजाई की प्रक्रिया जितनी जल्दी समाप्त होगी, फसल को मजबूत होने का उत्पादन ही ज्यादा समय मिल सकता है अन्यथा नवजात पौधों को प्रतिकूल मौसम से विशेष हानि हो सकती है।
वर्तमान समय में गेहूं की बिजाई के लिए मौसम काफी हद तक अनुकूल बना हुआ है। पश्चिमोत्तर प्रांतों में हल्की बारिश के साथ तापमान घट गया है जिससे खेतों की मिटटी में नमी का अंश लम्बे समय तक बरकरार रह सकता है।
इससे गेहूं वे बीज को अंकुरित होने तथा नवजात पौधों को प्रगति करने में अच्छी सहायता मिल सकती है। लेकिन यदि ठंड एवं घने कोहरे का प्रकोप बढ़ा अथवा पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के असर से मैदानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई तो मामला गंभीर हो सकता है।
सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में गेहूं का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 36.46 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो वर्ष 2022 की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 35.68 लाख हेक्टेयर से 78 हजार हेक्टेयर तथा वर्ष 2021 के क्षेत्रफल से 1.48 लाख हेक्टेयर अधिक है।
इसी तरह मध्य प्रदेश में गेहूं का रकबा गत वर्ष के 42.20 लाख हेक्टेयर से 2.13 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 44.33 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो वर्ष 2021 के बिजाई क्षेत्र से 8.50 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
लेकिन दूसरी ओर समीक्षाधीन अवधि के दौरान गेहूं का उत्पादन क्षेत्र पंजाब में 1.90 लाख हेक्टेयर घटकर 28.11 लाख हेक्टेयर, हरियाणा में 1.80 लाख हेक्टेयर गिरकर 10.80 लाख हेक्टेयर एवं राजस्थान में 4.70 लाख हेक्टेयर लुढ़ककर 14.30 लाख हेक्टेयर पर अटक गया।
पंजाब- हरियाणा में गेहूं की बिजाई का आदर्श समय समाप्त हो चुका है। पंजाब में आमतौर पर 34.50-35.00 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है जो इस बार धान की कटाई में देरी होने के कारण काफी पिछड़ गई है।
इससे गेहूं की सरकारी खरीद प्रभावित होने की आशंका है क्योंकि पंजाब ही केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देता है।
