एथनॉल निर्माताओं द्वारा केवल 64 प्रतिशत सरकारी चावल का उठाव
07-Feb-2026 04:13 PM
नई दिल्ली। हालांकि केन्द्र सरकार चावल के अधिशेष स्टॉक को घटाने के लिए एथनॉल निर्माण में इसका उपयोग बढ़ाने का प्रयास कर रही है मगर इसमें उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिलती दिखाई पड़ रही है।
2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन में नवम्बर-जनवरी की तिमाही के लिए एथनॉल निर्माताओं के वास्ते चावल का जो कोटा आवंटित किया गया था उसके तहत 64 प्रतिशत भाग का ही उठाव हो सका।
उल्लेखनीय है कि इस तिमाही के लिए तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने 78 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति का आर्डर जारी किया था जिसके निर्माण के लिए 17.40 लाख टन सरकारी चावल की जरूरत पड़ने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन इसमें से केवल 11.20 लाख टन या 64 प्रतिशत सरकारी घोषणा का उठाव संभव हो सका।
उल्लेखनीय है कि 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने एथनॉल निर्माताओं के लिए कुल 52 लाख टन चावल का कोटा निर्धारित किया है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार कई राज्यों में अनेक डिस्टीलर्स द्वारा सरकारी चावल की खरीद में विशेष उत्साह नहीं दिखाया जा रहा है क्योंकि घरेलू (खुले) बाजार में सस्ते दाम पर चावल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
विभिन्न राज्यों में सरकारी चावल के उठाव में भारी अंतर देखा गया। उत्तर प्रदेश में 86 प्रतिशत का उठाव हुआ जबकि राजस्थान में महज 22 प्रतिशत का ही उठाव संभव हो सका। तेलंगाना, छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा में चावल का उठाव कमजोर रहा।
