एथनॉल निर्माताओं को 2800 रुपए प्रति क्विंटल की दर से चावल बेचने का फैसला

09-Jan-2025 11:00 AM

नई दिल्ली । भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास मौजूद विशालकाय अधिशेष स्टॉक को घटाने के लिए केन्द्र सरकार ने चावल के न्यूनतम आरक्षित मूल्य में कटौती कर दी है। लेकिन एथनॉल निर्माताओं को बेचे जाने वाले चावल का मामला कुछ अलग है।

उल्लेखनीय है कि पिछली बार खाद्य निगम द्वारा एथनॉल निर्माण के लिए महज 2000 रुपए प्रति क्विंटल के अत्यन्त रियायती मूल्य पर चावल की बिक्री की जा रही थी मगर कर्नाटक को चावल की आपूर्ति करने से केन्द्र सरकार द्वारा इंकार किए जाने के बाद जब गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया तब एथनॉल निर्माताओं को भी चावल की आपूर्ति रोक दी गई और इसकी सार्वजनिक घोषणा भी नहीं हुई। 

अब सरकार ने राज्यों के लिए चावल का न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) 2800 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है और एथनॉल निर्मताओं के लिए भी यही मूल्य निर्धारित किया है।

इससे अब विवाद की आशंका भी समाप्त हो गई है। लेकिन एथनॉल निर्माताओं को यह भाव तभी पसंद आएगा जब अनाज से निर्मित एथनॉल के दाम में इसके अनुरूप बढ़ोत्तरी की जाए।

फिलहाल तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के लिए एथनॉल का बिक्री मूल्य 58.50 रुपए प्रति लीटर निर्धारित है और डिस्टीलरीज द्वारा इसे बढ़ाने की जोरदार मांग की जा रही है लेकिन सरकार ने इस पर अभी तब कोई निर्णय नहीं लिया है। 

स्टॉकिस्टों, छोटे व्यापारियों एवं राज्य सरकार के निगमों को बेचे जाने वाले चावल का रिजर्व मूल्य भी 2800 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है। राज्य सरकारों एवं उसके अधीनस्थ निगमों को यह सुविधा दी गई है कि वे खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत साप्ताहिक ई-नीलामी में भाग लिए बगैर सीधे भारतीय खाद्य निगम के डिपो से चावल प्राप्त कर सकते हैं लेकिन व्यापारियों को साप्ताहिक नीलामी के जरिए ही चावल मिल सकेगा। 

केन्द्र सरकार की अधीनस्थ एजेंसियों- नैफेड, एनसीसीएफ तथा केन्द्रीय भंडार को भारत ब्रांड नाम के अंतर्गत अपने आउटलेट के माध्यम से खुदरा बिक्री के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से चावल उपलब्ध करवाया जाएगा। सामुदायिक रसोई के लिए भी चावल का यही रिजर्व मूल्य निर्धारित किया गया है।