एथीलीन ऑक्साइड पेस्टीसाइड नहीं बल्कि स्टैटिफाइजिंग एजेंट है- इप्सता
10-May-2024 02:39 PM
कोच्चि । इंडिया पीपर एंड स्पाईस ट्रेड एसोसिएशन (इप्सता) ने कहा है कि मसालों एवं खाद्य पदार्थों के साथ-साथ औषधीय उत्पादों में पाया जाने वाला एथीलीन ऑक्साइड (ईटीओ) कोई कीटनाशी नहीं बल्कि इन उत्पादों के प्रकृतिक गुणों को संरक्षित रखने वाला एक स्टैरीलाइजिंग एजेंट है।
इस भ्रान्ति या गलत धारण को दूर किया जाना चाहिए कि ईटीओ एक पेस्टीसाइड (कीटनाशक) है और इससे मानवीय स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।
विभिन्न आयातकों देशों की जरूरतों के अनुरूप मसाला उत्पादों में ईटीओ की उपस्थिति की अनुमति देने हेतु मसाला बोर्ड सहित अन्य पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए।
इप्सता के अनुसार भारतीय मसालों की क्वालिटी सर्वोत्तम होती है और समय के साथ इसका स्तर लगातार ऊंचा होता जा रहा है। बेशक हांग कांग एवं सिंगापुर ने दो-तीन मसाला मिक्स में ईटीओ का कथित रूप से ज्यादा अंश पाए जाने के कारण इसकी बिक्री रोक दी है मगर दुनिया के किसी अन्य देश ने कोई एतराज नहीं जताया है जबकि संसार के 100 से अधिक देशों को भारत से मसालों का निर्यात होता है।
मसालों में उपयोग के लिए ईटीओ का उपचार सुरक्षित है और यह मानवीय खपत के दृष्टिकोण से हानिकारक भी नहीं है। अनेक पौधों में तो यह प्राकृतिक रूप से ही पाया जाता है।
अन्य स्टैरीफाइजेशन विधि के मुकाबले मसालों में रंग, सुगंध, स्वाद तथा प्राकृतिक गुणों को सुरक्षित रखने में ईटीओ ज्यादा सुरक्षित एवं कारगर है।
इप्सता इस वास्तविकता की पुष्टि करता है कि भारत से निर्यात होने वाले मसाले सबसे अच्छी क्वालिटी के होते है और इसमें कोई खराबी नहीं होती है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हाल के वर्षों में भारतीय मसालों की साख, लोकप्रियता एवं विश्वसनीयता तेजी से बढ़ी है और किसी भी देश को इसे अनावश्यक बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एथीलीन ऑक्साइड एक गैस है और लम्बे समय से इसका इस्तेमाल हो रहा है।
