एनसीडीसी द्वारा सहकारी चीनी मिलों के लिए ब्याज दर में कटौती

13-Jan-2025 11:00 AM

नई दिल्ली । राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) द्वारा सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों के लिए सावधि ऋण एवं कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज की दरों में कटौती का निर्णय लिया गया है ताकि उस पर वित्तीय दबाव को घटाया जा सके। उल्लेखनीय है कि यह निगम केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अधीनस्थ है और सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाता है। 

निगम द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार ब्याज की संशोधित दरें सावधि ऋण के लिए 8.5 प्रतिशत तथा क्रियाशील पूंजी ऋण के लिए 8 प्रतिशत नियत की गई हैं। इससे चीनी मिलों को राहत मिलेगी।

वस्तुतः केन्द्रीय क्षेत्र योजना के अंतर्गत सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों को वार्षिक रूप से मजबूत बनाने हेतु अनुदान सहायता के तहत ऋण पर ब्याज दरों में कटौती की गई है।

राष्ट्रीय स्तर पर सहकारी चीनी मिलों की उन्नति-प्रगति सुनिश्चित करने में इसे सहायता मिलेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि ब्याज की ये नई संशोधित दरें नए ऋण पर ही लागू होंगी जबकि पहले जो ऋण लिया गया है उस पर पुरानी दरें मान्य होंगी।

ध्यान देने की बात है कि भारत में गन्ना की खेती करने वाले किसानों की कुल संख्या पांच करोड़ के आसपास है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा सहित अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में सहकारी क्षेत्र में अनेक चीनी मिलें क्रियाशील हैं जिसे कम ब्याज दर पर सस्ता ऋण प्राप्त होगा

और इससे उसकी प्रचलन क्षमता बढ़ाने तथा इकाइयों का आधुनिकीकरण हेतु वित्तीय व्यवस्था करने में सहायता प्राप्त होगी। सहकारी चीनी उद्योग को इसकी सख्त जरूरत थी।