एक हजार टन काला नमक चावल के निर्यात की अनुमति मिलने से यूपी के किसानों को राहत
03-Apr-2024 08:27 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने उत्तर प्रदेश से प्रीमियम गैर बासमती वैरायटी के 1000 टन काला नमक कच्चे चावल के निर्यात की अनुमति प्रदान कर दी है जिसे बंदरगाह सहित किसी भी 6 चयनित भावों से भेजा जा सकता है।
इसमें बासमती एयर कार्गो के कस्टम स्टेशन नहावा सेवा के जवाहर लाल नेहरू कस्टम हाउस, कांडला कस्टम हाउस, बहराइच जिले में नेपाल गंज के लैंड कस्टम स्टेशन, महराजगंज (यूपी) जिले के सोनौली लैंड कस्टम स्टेशन तथा सिद्धार्थ नगर जिले में बढ़नी लैंड कस्टम स्टेशन शामिल है।
काला नमक चावल के निर्यात के लिए राज्य सरकार से प्रमाण पत्र लेना होगा और निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। ज्ञात हो कि वर्तमान समय में गैर बासमती के संवर्ग में केवल सेला चावल के निर्यात की स्वीकृति हो गई है और उस पर 20 प्रतिशत का सीमा शुल्क भी लागू है। कच्चे चावल एवं टुकड़ी चावल का व्यापारिक निर्यात बंद है।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 2 अप्रैल को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि काला नमक चावल के निर्यात की मंजूरी दी गई है मगर इसके लिए एग्रीकल्चर मार्केटिंग साल एन्ड फॉरेन ट्रेड, लखनऊ डायरेक्टर द्वारा द्वारा काला नमक के मद एवं उसकी मात्रा को प्रमाणित किया जाएगा।
खाद्य मंत्रालय ने इस चावल के निर्यात के लिए प्रस्ताव रखा था। 2021-22 में 21 टन काला नमक का निर्यात हुआ था। इस बार 1000 टन के निर्यात की उम्मीद है।
