डेढ़ लाख टन गेहू की बिक्री के ऑफर में से मिलर्स द्वारा 94 प्रतिशत की खरीद

17-Jan-2025 10:51 AM

नई दिल्ली । भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत आयोजित साप्ताहिक ई-नीलामी में गेहूं की बिक्री ऑफर (मात्रा) बढ़ाकर 1.50 लाख टन नियत किए जाने से मिलर्स- प्रोसेसर्स को उसकी खरीद बढ़ाने का अवसर मिल गया और उन्होंने इसमें से 141 लाख टन या 94 प्रतिशत भाग की खरीद कर ली।

साप्ताहिक नीलामी में गेहूं की मात्रा बढ़ाने की मांग की जा रही थी और इसे देखते हुए सरकार ने इसे एक लाख टन से 50 प्रतिशत या 50 हजार टन बढ़ाकर 1.50 लाख टन नियत कर दिया। 

इसके बावजूद देश के 13 राज्यों में गेहूं की खरीद के लिए उच्चतम बोली (बिड) 3000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर दर्ज की गई जिससे संकेत मिलता है कि गेहूं का थोक मंडी भाव काफी ऊंचा चल रहा है और इसे घटाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आसपास या उससे नीचे लाने के लिए और अधिक मात्रा में गेहूं की बिक्री का ऑफर दिये जाने की जरूरत है।

मालूम हो कि सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2023-24 सीजन के 2275 रुपए प्रति क्विंटल से 150 रुपए बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। 

15 जनवरी 2025 को आयोजित साप्ताहिक-नीलामी में 875 बिडर्स ने भाग लिया और उसके द्वारा 1.41 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं की खरीद की गई। इसका भारत औसत मूल्य 2696 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।

आसाम, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, तेलंगाना एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों में गेहूं की जितनी मात्रा की बिक्री का ऑफर दिया गया उसके 99-100 प्रतिशत भाग की खरीद कर ली गई। 

हालांकि कर्नाटक में 7 हजार टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया था लेकिन उसमें से 82 प्रतिशत भाग की ही खरीद हो सकी।

समझा जाता है कि वहां गेहूं की जबरदस्त मांग बनी हुई है मगर कुछ तकनीकी कारणों से अनेक मिलर्स / प्रोसेसर्स सही समय पर अग्रिम राशि जमा (ईएमडी) का भुगतान करने में सफल नहीं हो सके।

मिलर्स का कहना है कि अगले सप्ताह शत-प्रतिशत गेहूं की खरीद हो सकती है क्योंकि राज्य में इस खाद्यान्न का भारी अभाव बना हुआ है।