चीन और दक्षिण कोरिया में तिल का आयात बढ़ा- भारत में कीमत कमजोर
10-Jan-2025 04:19 PM
नई दिल्ली । नए माल में भारतीय तिल बाजार में सुस्त कारोबार के बीच कीमतों में मामूली बदलाव दर्ज किया गया। वर्ष 2024 के दौरान चीन तथा दक्षिण कोरिया में तिल के आयात में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई लेकिन इसमें अफ्रीकी देशों की भागीदारी ज्यादा रही और भारत का योगदान कम रहा।
दूसरी ओर अमरीका में तिल के आयात में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। मांग कमजोर रहने से पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान भारतीय तिल का फ्री ऑन बोर्ड निर्यात ऑफर मूल्य करीब 8 प्रतिशत घटकर अब 1880-1920 डॉलर प्रति टन के बीच आ गया है।
अफ्रीकी निर्यातक देशों से प्रतिस्पर्धा बढ़ने तथा भू-राजनैतिक तनाव ज्यादा होने से भारतीय तिल निर्यातकों की कठिनाई काफी बढ़ गई है। मौजूदा परिस्थितियों को देखत हुए निकट भविष्य में भारतीय तिल का भाव नरम रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चीन में तिल का आयात जनवरी-अक्टूबर 2023 के 7.79 लाख टन से उछलकर जनवरी-अक्टूबर 2024 में 9.59 लाख टन पर पहुंच गया और इस तरह आयात में 23 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
वहां तिल का औसत आयात मूल्य भी 1668 डॉलर से घटकर 1637 डॉलर प्रति टन रह गया। समीक्षाधीन अवधि के दौरान चीन में नाइजर तथा नाइजीरिया से तिल का आयात 1,63,446 टन से उछलकर 2,83,364 टन तथा तंजानिया से 1.26 लाख टन से बढ़कर 1.38 लाख टन पर पहुंच गया।
इन देशों से तिल का औसत आयात मूल्य 1840 डॉलर प्रति टन से लुढ़ककर 1558 डॉलर प्रति टन रह गया। मोजाम्बिक से चीन को 86,227 टन तिल का निर्यात हुआ।
दक्षिण कोरिया में भी इस अवधि के दौरान तिल का आयात 57,050 टन से 20 प्रतिशत बढ़कर 68,536 टन पर पहुंच गया जबकि आयात खर्च 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 14,892 करोड़ डॉलर पर पहुंचा।
वैसे तिल का औसत आयात मूल्य कुछ गिरकर 2226 डॉलर प्रति टन रह गया। वहां चीन तथा नाइजीरिया से इसका थोड़ा-बहुत आयात हुआ जबकि भातीय तिल का आयात 17 प्रतिशत बढ़कर 18,141 टन पर पहुंच गया।
नाइजीरिया से अमरीका को तिल के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई। अमरीका में जनवरी-सितम्बर 2024 के दौरान 23,963 टन तिल का आयात किया गया जो वर्ष 2023 के आयात 24,176 टन से करीब 1 प्रतिशत कम रहा।
हालांकि भारत वहां सबसे प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना रहा मगर इसके शिपमेंट में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आ गई।
