चीन में एचएमपीवी रोग के प्रकोप को देखते हुए कर्नाटक में दिशा निर्देश जारी

06-Jan-2025 03:50 PM

बंगलोर । चीन में ह्यूमन मीटा न्यूनो वायरस (एचएमपीवी) रोग का प्रकोप फैलने के बारे में लगातार आ रही खबरों को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा एक बयान जारी किया गया है कि एचएमपीवी वस्तुतः किसी अन्य स्वसन सम्बन्धी रोग जैसा ही है जिसमें सर्दी-खांसी, ठंड एवं फ्लू जैसा बुखार खासकर जाड़े के मौसम में हो सकता है। यह रोग बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए ज्यादा घातक माना जाता है।

इसके आधार पर कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके स्पष्ट किया है कि अभी तक राज्य में एचएमपीवी रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वसन सम्बन्धी बिमारियों से ग्रस्त मरीजों के आंकड़ों का अवलोकन- विश्लेषण करने के बाद यह निष्कर्ष सामने आया है कि गत वर्ष की तुलना में इस बार अभी तक इन रोगियों की संख्या में कोई खास इजाफा नहीं हुआ है। 

इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने कर्नाटक के लोगों से सावधानी बरतने और कुछ खास उपायों पर ध्यान देने का आग्रह किया है।

सरकारी दिशा निर्देश के अनुसार सभी नागरिकों को रुमाल या टिश्यू पेपर से अपना मुंह एवं नाक को ढंकना चाहिए- खासकर खांसते या छींकते समय इसका ध्यान अवश्य रखा जाना चाहिए। साबुन-पानी अथवा सैनिटाइजर से नियमित रूप से हाथ धोते रहना चाहिए। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।

यदि किसी को बुखार, कफ या छींकने की बीमारी है तो उसे सार्वजनिक स्थानों से दूर रहना चाहिए। यदि बीमार या कमजोर है तो अपने घर पर रहे और सीमित लोगों से सम्पर्क रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और पौष्टिक आहार लें।

कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए लगभग वैसा ही दिशा निर्देश जारी किया है जैसा कोरोना काल में जारी किया था क्योंकि कोरोना तथा एचएमपीवी रोग में काफी हद तक समानताएं हैं।