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23-Sep-2026 11:03 AM
नई दिल्ली। अखिल भारतीय स्तर पर चीनी का एक्स फैक्ट्री औसत मूल्य अगस्त के अपने शीर्ष स्तर से करीब 30 प्रतिशत घटकर अब 4450 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास आ गया है। चीनी उद्योग के दोनों शीर्ष संगठन - इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है की चीनी का एक्स-मिल भाव घटकर अब लगभग सामान्य स्तर पर आ गया है और मूल्य श्रंखला (आपूर्ति) में वृद्धि से खुदरा बाजार भाव पर भी असर पड़ने लगा है।
राष्ट्रीय स्तर पर चीनी का औसत खुदरा मूल्य अपने सर्वोच्च स्तर से करीब 11-12 प्रतिशत गिरकर 57.50 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास रह गया है लेकिन प्रमुख उत्पादक राज्यों में इसका स्तर राष्ट्रीय औसत से भी नीचे आ गया है। उदाहरण स्वरुप 21 सितम्बर 2026 को औसत खुदरा मूल्य उत्तर प्रदेश में 55.09 रुपए प्रति किलो, महाराष्ट्र में 56.74 रुपए, कर्नाटक में 56.19 रुपए तथा तमिलनाडु में 57.45 रुपए प्रति किलो रहा।
उद्योग संगठनों के संयुक्त बयान में कहा गया है कि सरकार के सख्त सामयिक उपायों एवं उद्योग के प्रयासों से चीनी बाजार में नरमी का माहौल बना है। चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी सुगम हो गयी है और कहीं इसकी कोई किल्लत नहीं है। सरकार ने 10 लाख टन चीनी (रॉ वैल्यू) के शुल्क मुखत आयात की अनुमति दे रखी है जिसे 31 अक्टूबर 2026 तक मंगाया जा सकता है। चीनी की भंडारण सीमा का नियम भी सख्त बना दिया गया है। इससे त्यौहारी सीजन में आम लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी।