चीन के बंदरगाहों पर खाद्य तेलों के स्टॉक में मामूली गिरावट

07-Jan-2025 11:18 AM

शंघाई । सप्ताहिक आधार पर चीन के बंदरगाहों पर खाद्य तेलों एवं तिलहन के स्टॉक में करीब 2 हजार टन की गिरावट दर्ज की गई।

27 दिसम्बर 2024 को उसके बंदरगाहों पर लगभग 7.82 लाख टन खाद्य तेल का स्टॉक मौजूद था जो 3 जनवरी 2025 को घटकर 7.80 लाख टन के करीब रह गया। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान चीन के बंदरगाहों पर पाम तेल का स्टॉक 49 हजार टन से गिरकर 44 हजार टन, सोयाबीन तेल का स्टॉक 85 हजार टन से घटकर 80 हजार टन रह गया जबकि रेपसीड- कैनोला तेल का स्टॉक 47 हजार टन से सुधरकर 48 हजार टन पर पहुंच गया।

भारत के बाद चीन दुनिया में खाद्य तेलों का दूसरा सबसे प्रमुख आयातक देश है। वहां इंडोनेशिया एवं मलेशिया से पाम तेल, ब्राजील एवं अर्जेन्टीना सोयाबीन तेल तथा कनाडा एवं यूरोपीय संघ से कैनोला / रेपसीड तेल का आयात होता है।

इसके बकाया रूस-यूक्रेन से सूरजमुखी तेल तथा भारत से मूंगफली तेल का भी थोड़ा-बहुत आयात किया जाता है। चीन की खासियत यह है कि वह खाद्य तेल के बजाए तिलहन के आयात को विशेष प्राथमिकता देता है और खासकर विशाल  मात्रा में ब्राजील एवं अमरीका से सोयाबीन मंगाता है।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान चीन के बंदरगाहों पर सोयाबीन का स्टॉक 5.40 लाख टन से सुधरकर 5.50 लाख टन पर पहुंचा मगर सोयामील का स्टॉक 61 हजार टन से फिसलकर 58 हजार टन के करीब रह गया। चीन संसार में सोयाबीन का स्टॉक 61 हजार टन से फिसलकर 58 हजार टन के करीब रह गया।

चीन संसार में सोयाबीन का सबसे बड़ा आयातक देश है जहां प्रति वर्ष 800-900 लाख टन सोयाबीन का आयात किया जाता है।