चालू रबी सीजन के लिए 300 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य निर्धारित
10-Jan-2025 08:34 PM
नई दिल्ली। हालांकि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने वर्तमान रबी सीजन के दौरान 1150 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है मगर खाद्य मंत्रालय ने पिछले दो वर्षों के खराब अनुभव को देखते हुए इसकी खरीद का लक्ष्य महज 300 लाख टन नियत किया है जिसे विशाल संभावित उत्पादन को देखते हुए काफी संकीर्ण आंकड़ा माना जा रहा है।
ध्यान देने की बात है कि सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2023-24 सीजन के 2275 रुपए प्रति क्विंटल से 150 रुपए बढ़ाकर 2024-25 के सीजन हेतु 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में इस पर 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा जिससे वहां किसानों को 2550 रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा।
लेकिन गेहूं का थोक मंडी भाव इस समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा है खाद्य मंत्रालय को आशंका है कि अगर मार्च-अप्रैल तक दाम घटकर नीचे नहीं आया तो किसान अपने गेहूं का स्टॉक दबाने का प्रयास कर सकता है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश एवं बिहार जैसे राज्यों में व्यापारी / स्टॉकिस्ट एवं मिलर्स-प्रोसेसर्स किसानों से सरकारी समर्थन मूल्य से कुछ ऊंचे दाम पर गेहूं की भारी खरीद कर सकते हैं। गेहूं का उत्पादन भी अभी अनिश्चित बना हुआ है।
पंजाब तथा हरियाणा के साथ-साथ मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में सरकार को गेहूं की खरीद में अच्छी सफलता मिल सकती है लेकिन अन्य राज्यों में खरीद बेहतर होने में संदेह है।
इसे ध्यान में रखते हुए फिलहाल 300 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है जबकि इससे ज्यादा मात्रा में खरीद का प्रयास किया जा सकता है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों के खाद्य सचिवों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने यह लक्ष्य नियत किया है।
पिछले साल 300-320 लाख टन के नियत लक्ष्य के सापेक्ष 266 लाख टन तथा वर्ष 2023 में 341.50 लाख टन के निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 262 लाख टन गेहूं की खरीद संभव हो सकी थी।
