बांधों-जलाशयों में जलस्तर घटकर 70 प्रतिशत से नीचे आया
17-Jan-2025 01:20 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 155 प्रमुख बांधों एवं जलाशयों में पानी का स्तर लगातार 11 वें सप्ताह घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता 70 प्रतिशत से भी नीचे आ गया। केवल मध्यवर्ती संभाग को छोड़कर देश के अन्य सभी क्षेत्रों में जल स्तर घट गया।
आयोग की साप्ताहिक बुलेटिन के अनुसार इन 155 प्रमुख जलाशयों में कुल 180.852 बिलियन क्यूबिक लीटर (बीसीएम) पानी के भंडारण की क्षमता है जबकि फिलहाल उसमें 68 प्रतिशत या 123.85 बीसीएम पानी का भंडार बचा हुआ है। लेकिन फिर भी यह स्टॉक पिछले साल तथा गत दस वर्ष के औसत भंडारण से ज्यादा है।
दरअसल दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रस्थान करने के बाद देश में सामान्य औसत से काफी कम वर्षा होने के कारण जलाशयों में पानी का स्तर कम हो गया।
इस अवधि में राष्ट्रीय स्तर पर 60 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में बारिश का अभाव देखा गया। दूसरी ओर दिसम्बर 2024 के दौरान देश के दक्षिणी प्रायद्वीप में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 1 से 16 जनवरी 2025 के दौरान देश के जिन 719 जिलों से आंकड़े प्राप्त हुए उसमें से 85 प्रतिशत जिलों में वर्षा नहीं या नगण्य हुई
लेकिन फिर भी चालू वर्ष के दौरान रबी फसलों पर इसका कोई प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना नहीं है। बांधों-जलाशयों में मौजूद पानी का भंडार रबी फसलों की सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।
उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में केवल 8.016 बीसीएम पानी का स्टॉक है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 19.836 बीसीएम का महज 40 प्रतिशत है।
पंजाब में जलस्तर घटकर 21 प्रतिशत पर आ गया है जो पूरे देश में सबसे कम है। इसके मुकाबले हिमाचल प्रदेश के बांधों में 33 प्रतिशत तथा राजस्थान के जलाशयों में 68 प्रतिशत पानी का भंडार अभी मौजूद है। पंजाब-हरियाणा में नियमित रूप से बारिश होती रही है।
