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19-Sep-2026 10:44 AM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने बल्क खरीदारों के लिए चीनी भंडारण सीमा की समयावधि को कुछ शर्तों के साथ 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन नियत कर दिया है। 15 दिन की समयावधि उस चीनी के लिए बरकरार रहेगी जो स्वदेशी गन्ना से निर्मित हुई है।
यदि बल्क खरीदारों को इससे आगे की अवधि के लिए चीनी का स्टॉक रखना है तो उसे विदेशों से आयातित कच्ची चीनी की प्रोसेसिंग / रिफाइनिंग के बाद निर्मित चीनी की खरीद करनी होगी और इसका स्टॉक खरीद की तिथि से एक माह तक रखा जा सकेगा।
इसी तरह अग्रिम प्राधिकार स्कीम (एएएस) के अंतर्गत विदेशों से मंगाई गई चीनी की खरीद करके भी बल्क खरीदार एक माह तक उसका स्टॉक अपने पास रख सकते हैं। ज्ञात हो कि अग्रिम प्राधिकार स्कीम के तहत विदेशों से चीनी का आयात पहले से ही हो रहा है।
जबकि सरकार द्वारा गत माह टैरिफ रेट कोटा प्रणाली (टीआरक्यू) के अंतर्गत 10 लाख टन कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई थी। इसे मंगाने की प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है।
इस बीच सरकार ने दावा किया है की अखिल भारतीय स्तर पर चीनी का औसत खुदरा मूल्य अगस्त के 65 रुपए प्रति किलो के शीर्ष स्तर से 10 प्रतिशत घटकर अब 58.50 रुपए प्रति किलो पर आ गया है जबकि इसे और नीचे लाने का प्रयास किया जा रहा है। चीनी के एक्स फैक्टरी मूल्य में पहले ही लगभग 25 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।