बेहतर तकनीक एवं उन्नत बीज के उपयोग से चावल-गेहूं का उत्पादन
17-Mar-2026 03:54 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण राज्य मंत्री ने कहा है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान चावल और गेहूं के घरेलू उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है जिसका प्रमुख कारण किसानों द्वारा बेहतर तकनीक एवं उन्नत किस्मों के बीज का इस्तेमाल बढ़ाना और मौसम काफी हद तक अनुकूल रहना है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में चावल, गेहूं तथा मक्का का उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा।
गेहूं का उत्पादन पहली बार 12 करोड़ टन से ऊपर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इससे घरेलू प्रभाग में खाद्यान्न की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी।
खरीफ कालीन धान की सरकारी खरीद 31 मार्च को औपचारिक तौर पर समाप्त होगी और 1 अप्रैल से रबी कालीन धान तथा गेहूं की खरीद का सीजन आरम्भ हो जाएगा।
कुछ राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। फसल विविधिकरण के तमाम सरकारी प्रयासों के बावजूद किसान धान और गेहूं की खेती से चिपके हुए हैं।
