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30-Oct-2026 11:31 AM
हैदराबाद। वियतनाम एवं थाईलैंड में भाव काफी ऊंचे स्तर पर पहुंचने से अफ्रीकी देशों में सस्ते भारतीय चावल की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। बांग्ला देश में भी भारतीय चावल का आयात करने की उम्मीद है क्योंकि वहां कीमतों में तेजी का माहौल बना हुआ है। वियतनाम में 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य गत सप्ताह के 440-450 डॉलर प्रति टन से उछलकर अब 470-480 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया है जो जनवरी 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
भारत के उत्तरी राज्यों और खासकर पंजाब-हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में खरीफ कालीन धान के नए माल की आवक पहले ही शुरू हो चुकी है जबकि अगले महीने (नवम्बर) से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं बिहार जैसे राज्यों में भी नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो जाएगी। इसके साथ ही राज्य की आपूर्ति एवं उपलब्धता में नियमित रूप से बढ़ोत्तरी होने लगेगी। अफ्रीकी देशों को सस्ते भारतीय चावल की सख्त जरूरत है इसलिए इसका निर्यात शिपमेंट आगे भी बेहतर होने की उम्मीद है।
भारतीय चावल का दाम भी बढ़कर पिछले करीब एक वर्ष के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 5 प्रतिशत टूटे भारतीय सेला चावल का फ्री ऑन बोर्ड निर्यात ऑफर मूल्य फिलहाल 387-392 डॉलर प्रति टन और सफेद चावल का ऑफर मूल्य 389-394 डॉलर प्रति टन चल रहा है जो वियतनामी एवं थाई चावल की तुलना में बहुत कम है। थाईलैंड के 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य 480 डॉलर प्रति टन के ऊंचे स्तर पर बरकरार है। निकट भविष्य में दाम घटने की संभावना बहुत कम है।
वियतनाम में धान की दूसरी फसल की कटाई नवम्बर के अंत से आरंभ होने की संभावना है। फिलीपिंस में चावल का आयात शुरू होने वाला है। अफ्रीकी देशों में भारतीय चावल की मांग मजबूत बनी हुई है। थाईलैंड में चावल का स्टॉक कम बताया जा रहा है।