भारत से निर्यात अटकने के कारण चीन से आइवरी कोस्ट में चावल का शिपमेंट बढ़ा
23-Nov-2023 08:18 PM
बीजिंग । चीन से आइवरी कोस्ट को अगस्त-अक्टूबर के तीन महीनों में जितने चावल का निर्यात हुआ वह वर्ष 2022 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी- दिसम्बर) में हुए कुल शिपमेंट से भी ज्यादा रहा।
मालूम हो कि अफ्रीकी देश- आइवरी कोस्ट भारतीय सफेद (कच्चे) गैर बासमती चावल का एक महत्वपूर्ण परम्परागत खरीदार रहा है लेकिन जुलाई 2023 में भारत सरकार द्वारा इस चावल के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिए जाने से वहां चीन के चावल निर्यातकों को अपनी सक्रियता बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
भारत से सफेद चावल के निर्यात पर लगा प्रतिबंध अगले कुछ महीनों तक बरकरार रहने की संभावना है जिससे चीन को वहां चावल का निर्यात बढ़ाने में अच्छी सफलता मिल सकती है।
ध्यान देने की बात है कि चीन को स्वयं अपनी घरेलू मांग एवं खपत को पूरा करने के लिए विदेशों से चावल मंगाना पड़ता है लेकिन वह थोड़ी-बहुत मात्रा में पुराने स्टॉक का निर्यात भी करता है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चीन से अक्टूबर 2023 में आइवरी कोस्ट को करीब 45 हजार टन चावल का निर्यात किया गया जो अगस्त के शिपमेंट के बराबर था। ध्यान देने की बात है कि 2022-23 सीजन के दौरान आइवरी कोस्ट भारतीय गैर बासमती चावल का चौथा सबसे बड़ा खरीदार था।
लेकिन जुलाई 2023 में प्रतिबंध लगने के बाद वहां चावल का निर्यात रुक गया। भारतीय प्रतिबंध के कारण वैश्विक बाजार में सफेद चावल का भाव काफी ऊंचा एवं तेज हो गया और चालू सप्ताह के दौरान एशियाई बेंचमार्क मूल्य उछलकर पुनः 600 डॉलर प्रति टन से ऊपर पहुंच गया।
