भारत में नेपाल से और पाकिस्तान में भारत से बड़ी इलायची का सर्वाधिक आयात
06-Jan-2025 02:06 PM
गुवाहाटी । हालांकि भारत स्वयं बड़ी (काली) इलायची का एक अग्रणी उत्पादक और निर्यातक देश है मगर फिर भी यहां पुनर्निर्यात उद्देश्य के लिए नेपाल तथा भूटान जैसे देशों से भारी मात्रा में इस महत्वपूर्ण मसाले का आयात किया जाता है।
वास्तविकता तो यह है कि नेपाल तथा भूटान से निर्यात होने वाली बड़ी इलायची के लगभग 99 प्रतिशत हिस्से का निर्यात पाकिस्तान को तथा शेष 40 प्रतिशत का निर्यात खाड़ी क्षेत्र, पश्चिम एवं एशिया तथा अन्य देशों को किया जाता है।
रमजान के पवित्र माह के दौरान मुस्लिम बहुल देशों में बड़ी इलायची की मांग एवं खपत काफी बढ़ जाती है। भारत में भी इसका काफी उपयोग होता है। भारत की जोरदार मांग से नेपाल में बड़ी इलायची का भाव काफी ऊंचा एवं तेज हो गया है और शीघ्र ही यह उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
ध्यान देने वाली बात है कि नेपाल के पास अपना कोई समुद्री बंदरगाह नहीं है और उसका सारा कामकाज भारतीय बंदरगाह के जरिए ही होता है। आयात के लिए भी यही सुविधा है।
नेपाल की बड़ी इलायची का रंग-रूप एवं स्वाद कुछ भिन्न होता है क्योंकि वहां इसको सुखाने की प्रक्रिया कुछ अलग है।
वहां नई फसल की कटाई-तैयारी के बाद बड़ी-इलायची को भट्टियों में तपाया जाता है जिससे उसका फ्लेवर बेहतर हो जाता है।
बढ़ती मांग एवं कीमतों को देखते हुए नेपाल के उत्पादकों एवं स्टॉकिस्टों ने काली इलायची का स्टॉक दबाना शुरू कर दिया है इसलिए चालू वर्ष के वास्तविक उत्पादन का अनुमान लगाना कठिन हो रहा है।
उधर भारत में सिक्किम, मेघालय, आसाम एवं नागालैंड में नई फसल की आवक अक्टूबर-नवम्बर से ही हो रही है। इसका उत्पादन 2024-25 के सीजन में भी कुछ कम होने की संभावना है।
नेपाल में उत्पादन करीब 25 प्रतिशत घटने का अनुमान है। भूटान में भी उत्पादन प्रभावित हुआ है। आगामी समय में बड़ी इलायची में अच्छा कारोबार होने के आसार हैं।
