भारत का चावल अन्य निर्यातक देशों से कम दाम पर उपलब्ध

09-Jan-2025 05:20 PM

नई दिल्ली । हालांकि थाईलैंड में चावल का निर्यात ऑफर मूल्य पिछले माह की तुलना में घटकर कुछ नीचे आया है मगर फिर भी भारत, पाकिस्तान एवं वियतनाम की तुलना में काफी ऊंचा है।

थाई राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अनुसार थाईलैंड के 5 प्रतिशत टूटे सफेद चावल का निर्यात ऑफर मूल्य मध्य दिसम्बर 2024 में 523 डॉलर प्रति टन चल रहा था जो अब गिरकर 494 डॉलर प्रति टन पर आ गया है।

इसके मुकाबले 5 प्रतिशत टूटे सफेद चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भारत में 447-451 डॉलर प्रति टन, पाकिस्तान में 449-453 डॉलर प्रति टन तथा वियतनाम में 460-464 डॉलर प्रति टन चल रहा है। 

जहां तक सेला चावल का सवाल है तो इसमें भी भारत को कुछ अग्रता हासिल हो रही है। भारतीय सेला चावल का निर्यात  ऑफर मूल्य 440-444 डॉलर प्रति टन बोला जा रहा है जबकि यह पाकिस्तान में 462-466 डॉलर तथा थाईलैंड में 506 डॉलर प्रति टन चल रहा है।

एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक के अनुसार भारतीय राइस मिलर्स चावल का विशाल, भंडार अपने पास नहीं रखना चाहते हैं क्योंकि एक तो सरकारी गोदामों में चावल का भारी-भरकम अधिशेष स्टॉक मौजूद है और दूसरे, इस बार खरीफ सीजन में घरेलू उत्पादन भी शानदार होने के संकेत मिल रहे हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में चावल का भाव अब सामान्य स्तर पर आ गया है  और इसकी पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए विदेशी आयात इसकी खरीद में कोई जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं।

समीक्षकों का कहना है कि जब तक भारत अन्तर्राष्ट्रीय निर्यात बाजार में प्रभावी ढंग से उपस्थित रहेगा तब तक अन्य निर्यातक देश भी चावल की कीमतों में मनमाना इजाफा नहीं कर पाएंगे। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने चावल का घरेलू उत्पादन पिछले खरीफ सीजन के 1132.60 लाख टन से बढ़कर इस बार 1193.40 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।

उधर अमरीकी कृषि विभाग ने 2024-25 के पूरे सीजन के दौरान के दौरान भारत में 1370 लाख टन चावल के उत्पादन की संभावना व्यक्त की है। इसके फलस्वरूप निर्यात योग्य स्टॉक में अच्छी बढ़ोत्तरी होगी।