अप्रैल-दिसम्बर की अवधि में ऑयल मील का निर्यात 10 प्रतिशत घटा

17-Jan-2025 05:04 PM

मुम्बई । यद्यपि सोयामील का निर्यात प्रदर्शन बेहतर चल रहा है मगर सरसों खल (रेपसीड मील) के निर्यात में भारी गिरावट आने तथा राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन का निर्यात बंद होने से डीओसी के सम्पूर्ण शिपमेंट में कमी देखी जा रही है।

एक अग्रणी संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के शुरूआती नौ महीनों में यानी अप्रैल-दिसम्बर 2024 के दौरान देश से कुल मिलाकर करीब 31.51 लाख टन ऑयल मील का निर्यात हुआ जो वर्ष 2023 के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 34.97 लाख टन से लगभग 10 प्रतिशत कम रहा। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान सोयामील का निर्यात 12.11 लाख टन से बढ़कर 14.85 लाख टन पर पहुंचा मगर रेपसीड मील का शिपमेंट 18.24 लाख टन से लुढ़ककर 14.10 लाख टन, अरंडी मील का 2.97 लाख टन से घटकर 2.26 लाख टन तथा राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन (डि ऑयल्ड राइस ब्रान) का निर्यात 1.52 लाख टन से गिरकर 14 हजार टन पर अटक गया। मूंगफली एक्सट्रैक्शन का निर्यात 14 हजार टन से सुधरकर 16 हजार टन पर पहुंचा।

दिसम्बर 2024 में भारत से 2.78 लाख टन से कुछ अधिक सोया डीओसी, करीब 89 हजार टन रेपसीड एक्सट्रैक्शन, 28 हजार टन से ज्यादा अरंडी मील, 3 हजार टन मूंगफली एक्सट्रैक्शन तथा 70 टन राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन के साथ कुल 3.99 लाख टन ऑयल मील का निर्यात हुआ जो दिसम्बर 2023 के कुल शिपमेंट 5.33 लाख टन से 25 प्रतिशत कम रहा। नवम्बर में भी 9 प्रतिशत कम निर्यात हुआ था। 

भारतीय बंदरगाहों पर दिसम्बर 2024 में निर्यात ऑफर मूल्य सोया डीओसी का घटकर 363 डॉलर प्रति टन तथा अरंडी मील का 81 डॉलर प्रति टन पर आ गया जो नवम्बर में क्रमश: 372 डॉलर प्रति टन तथा 85 डॉलर प्रति टन रहा था। लेकिन रेपसीड मील का ऑफर मूल्य 270 डॉलर प्रति टन पर स्थिर रहा। 

अप्रैल-दिसम्बर 2024 के दौरान दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, वियतनाम एवं बांग्ला देश भारतीय ऑयलमील के प्रमुख खरीदार रहे लेकिन वर्ष 2023 की तुलना में वहां इसका आयात घट गया।

इसके तहत दक्षिण कोरिया में आयात 7.30 लाख टन से घटकर 5.35 लाख टन, वियतनाम में 3.62 लाख टन से लुढ़ककर 1.93 लाख टन, थाईलैंड में 4.95 लाख टन से गिरकर 3.26 लाख टन,

बांग्ला देश में 6.63 लाख टन से घटकर 5.48 लाख टन, ईरान में 2.33 लाख टन से गिरकर 1.55 लाख टन तथा ताइवान में भारतीय डीओसी का निर्यात 1.30 लाख टन से फिसलकर 1.01 लाख टन पर अटक गया।