अब इस्मा ने भी चीनी का उत्पादन अनुमान घटाया
01-Feb-2025 10:52 AM
नई दिल्ली । पहले सहकारी चीनी मिलों के शीर्ष संगठन- नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज ने चीनी का उत्पादन अनुमान 2024-25 सीजन के लिए घटाकर 270 लाख टन नियत किया।
उसके बाद ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन ने चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 265.20 लाख टन पर सिमटने की संभावना व्यक्त की और अब प्राइवेट चीनी मिलों की सबसे बड़ी संख्या- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने चीनी का घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 319.60 लाख टन से करीब 47 लाख टन घटकर 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 272.70 लाख टन पर अटकने का अनुमान लगाया है।
इस तरह यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान चीनी के उत्पादन में 45 लाख टन से अधिक की गिरावट आएगी क्योंकि इन तीनों शीर्ष संस्थाओ के उत्पादन अनुमान को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। सरकार को भी अपना उत्पादन अनुमान घटाना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि इस्मा ने अपने पहले अनुमान में कुल 335 लाख टन चीनी के उत्पादन की संभावना व्यक्त की थी और 37.50 लाख टन का उपयोग एथनॉल निर्माण में होने की उम्मीद जताई थी जिससे खाद्य उद्देश्य के लिए 295.50 लाख टन का उत्पादन आंका था।
लेकिन अब इसे घटाकर 272.70 लाख टन नियत किया है। इससे आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने तथा वर्तमान मार्केटिंग सीजन के अंत में बकाया अधिशेष स्टॉक काफी कम बचने की आशंका है।
इस्मा की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले चालू सीजन में गन्ना की औसत उपज दर एवं गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में कमी आ रही है जबकि महाराष्ट्र तथा कर्नाटक जैसे राज्यों में भी गन्ना की उत्पादकता काफी घट गई है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश तथा कर्नाटक भारत के तीन सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य हैं और इन प्रांतों में ही उत्पादन सबसे ज्यादा घटने की आशंका है।
इसके स्पष्ट संकेत भी मिल रहे हैं। उधर दक्षिण भारत में तमिलनाडु में चीनी के उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है।
