आयात के बावजूद धनिया में अधिक मंदे की संभावना नहीं
03-Jul-2026 07:06 PM
नई दिल्ली। हाल ही में धनिया की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के पश्चात वर्तमान में धनिया का व्यापार प्रभावित हुआ है लेकिन ऊंचे भाव होने के बावजूद मंडियों में धनिया की आवक नहीं बढ़ रही है क्योंकि मध्य प्रदेश को छोड़कर अन्य राज्यों गुजरात एवं राजस्थान की मंडियों में कुल उत्पादन का 80/85 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है। मध्य प्रदेश में किसानों के पास अभी भी 30/35 प्रतिशत माल बचा हुआ है वह भी मजबूत हाथों में जोकि भाव ओर बढ़ने का इंतजार कर रहा है। उल्लेखनीय है कि आईग्रेन इंडिया अपने पाठकों को पूर्व में ही अवगत कराया था कि इस वर्ष ईगल क्वालिटी का भाव मंडियों में 150 रुपए का स्तर छू सकता है जोकि संभव हुआ है। खपत एवं स्टॉक को देखते हुए अभी भी बाजार में धारणा तेजी की है हालांकि बाजार में मुनाफावसूली बिकवाली एवं आयात के चलते कुछ समय के लिए भाव घट सकते हैं लेकिन भविष्य में ओर तेजी आने की संभावना है। क्योंकि नई फसल आने में अभी 7/8 माह का समय शेष है।
आयात
बाजार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कंटेनर के माध्यम से रसिया से धनिया का आयात शुरू हो गया है। मगर क्वालिटी काफी हल्की होने के कारण भाव 130/135 रुपए बोला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि आयातित माल की अधिकांश खपत उत्तर प्रदेश में होगी या फिर मिक्सिंग के काम आएगा। व्यापारिक अनुमान है कि कंटेनरों के माध्यम से एक-डेढ़ लाख बोरी धनिया का आयात हो सकता है जिसका बाजार पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
घटता उत्पादन
विगत दो-तीन वर्षों से देश में धनिया की पैदावार में गिरावट दर्ज की जा रही है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2023 में देश में धनिया का उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था जोकि एक रिकॉर्ड उत्पादन था। तत्पश्चात 2024 में घटकर 1.20 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2025 में 1.10 करोड़ बोरी का रह गया। जबकि वर्ष 2026 में घटकर 95/97 लाख बोरी का रह गया। चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में पैदावार 43/44 लाख बोरी, गुजरात 38/40 लाख बोरी के अलावा राजस्थान में 12/13 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए गए हैं।
बिजाई
जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में धनिया के भाव गत वर्ष की तुलना में दो गुणा अधिक चल रहे है। गत वर्ष इसी समयावधि में उत्पादक केन्द्रों पर ईगल क्वालिटी का भाव 70/75 रुपए प्रति किलो चल रहा था जोकि वर्तमान में 145/150 रुपए बोला जा रहा है। चालू सीजन के दौरान उत्पादक को उचित मूल्य मिलने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है। इस वर्ष उत्पादक केन्द्रों पर धनिया की बिजाई में अच्छी वृद्धि दर्ज की जाएगी।
मन्दा नहीं
कारोबारियों का कहना है कि धनिया की वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि चालू सीजन के दौरान खपत की तुलना में कुल उपलब्धता कमजोर बनी हुई है जिस कारण से आगामी दिनों में फिर भाव बढ़ने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि हमारी सालाना खपत एवं निर्यात को मिलाकर लगभग 1.40/1.50 करोड़ बोरी धनिया की आवश्यकता होती है लेकिन चालू सीजन के दौरान 95/97 लाख की पैदावार एवं 20/25 लाख का बकाया स्टॉक मिलाकर 1.20/1.25 करोड़ बोरी की उपलब्धता रहेगी।
निर्यात
मसाला बोर्ड दवारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का निर्यात 60211 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 679.70 करोड़ की रही। जबकि वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया का निर्यात 60323 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 633 करोड़ की रही थी। प्राप्त जानकरी के अनुसार अप्रैल 2026 में धनिया का निर्यात 4540.23 टन का रहा जोकि अप्रैल- 2025 की तुलना में 37 प्रतिशत कम है। जबकि प्राप्त आय में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अप्रैल 2026 में निर्यात से प्राप्त आय 63.55 करोड़ की रही जबकि अप्रैल 2025 में 70.86 करोड़ रुपए का धनिया निर्यात किया गया था।
