दाल-दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए 6 वर्षीय मिशन की घोषणा

03-Feb-2025 12:36 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय वित्त मंत्री ने आम बजट में दाल-दलहन के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए एक 6 वर्षीय मिशन की घोषणा की है जिसके तहत दलहनों की प्रति इकाई उपज दर बढ़ाने, मौसम एवं जलवायु रोधी बीजों का विकास करने तथा उत्पादकों को आकर्षक एवं लाभप्रद मूल्य सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि केन्द्र सरकार' दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए अगले छह वर्षों के वास्ते एक मिशन लांच करेगी जिसमें खासकर अरहर (तुवर), उड़द एवं मसूर के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

दोनों केन्द्रीय एजेंसियां- नैफेड तथा एन सीसी एफ किसानों से इन तीनों दलहनों की खरीद के लिए तैयार रहेंगी। अगले चार वर्षों तक जो भी किसान इन एजेंसियों के साथ पंजीकृत होंगे और इसके साथ करार करेंगे उसके दलहनों की सम्पूर्ण विपणन योग्य मात्रा की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। 

इस मिशन के तहत खासकर दलहनों के ऐसे नए बीजों के विकास और उसकी व्यावसायिक उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा जिसमें प्रतिकूल मौसम तथा प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से अपना बचाव करने की ज्यादा से ज्यादा क्षमता मौजूद हो।

इसके साथ-साथ दलहनों में प्रोटीन का अंश अधिक हो और बीज की उत्पादकता दर भी ऊंची हो। इतना ही नहीं बल्कि इस मिशन के तहत फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाने,

भंडारण की सुविधा बढ़ाने और बेहतर प्रबंध करने पर भी जोर दिया जाएगा। दलहन उत्पादकों को ऊंचा एवं लाभप्रद मूल्य देकर उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित- प्रोत्साहित किया जाएगा।  

अजीब विडम्बना है कि भारत दुनिया में दलहनों का सबसे बड़ा उत्पादक तथा उपभोक्ता होने के साथ-साथ सबसे प्रमुख आयातक देश भी है।

पिछले दो वर्षों के दौरान दलहनों के आयात पर देश की निर्भरता में भारी बढ़ोत्तरी हुई है क्योंकि मौसम की प्रतिकूल स्थिति के कारण इसका घरेलू उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ जबकि इसकी मांग एवं खपत नियमित रूप से बढ़ती रही।

उत्पादन घटने एवं खपत बढ़ने से कीमतों में भारी इजाफा हो गया और इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार को विदेशों से इसके आयात को प्रोत्साहन देना पड़ा।