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दाल मिलों की कमजोर मांग और बर्मा में 15 डॉलर की गिरावट से उड़द बाजार में दबाव

14-Oct-2026 06:54 PM

दाल मिलों की कमजोर मांग और बर्मा में 15 डॉलर की गिरावट से उड़द बाजार में दबाव

दाल मिलों की कमजोर मांग और बर्मा में कीमतों में गिरावट के कारण घरेलू बाजार में उड़द के भाव लगातार दूसरे दिन कमजोर रहे। बर्मा में आज उड़द की कीमतों में 15 डॉलर प्रति टन की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद एफएक्यू (FAQ) के भाव 940 डॉलर और एसक्यू (SQ) के भाव 1,020 डॉलर प्रति टन रह गए। विदेशी बाजार में आई इस गिरावट से घरेलू बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।

घरेलू बाजार में स्टॉकिस्टों की बिकवाली जारी रहने तथा दाल मिलों की सीमित खरीदारी के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है। दाल मिलें फिलहाल अपनी जरूरत के अनुसार ही उड़द की खरीद कर रही हैं। वहीं, सहारनपुर लाइन में नए उड़द की छिटपुट आवक भी शुरू हो गई है, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़ने की संभावना है। इन परिस्थितियों में निकट अवधि में कीमतों में बड़ी तेजी की संभावना सीमित दिखाई दे रही है।

मौसम अनुकूल रहने से प्रमुख उत्पादक राज्यों में देसी उड़द की आवक आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, चालू महीने में आयातित उड़द की उपलब्धता बढ़ने से घरेलू बाजार में आपूर्ति का दबाव और बढ़ सकता है। यदि स्टॉकिस्टों की बिकवाली जारी रहती है और दाल मिलों की मांग में सुधार नहीं होता, तो मौजूदा भावों में और नरमी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि, आगामी दो महीनों में त्योहारी सीजन के कारण उड़द दाल की मांग मजबूत बने रहने की उम्मीद है। पिछले सप्ताह त्योहारी मांग और प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसम के कारण फसल को हुए नुकसान की आशंकाओं से उड़द की कीमतों में तेजी आई थी। अब बाजार की आगे की दिशा बर्मा के भाव, घरेलू आवक, आयातित माल की उपलब्धता और दाल मिलों की खरीद पर निर्भर करेगी।