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04-Nov-2026 04:19 PM
मुम्बई। दीपावली सहित अन्य त्यौहारों की जबरदस्त मांग निकलने से सूखा मेवा बाजार में भारी तेजी का माहौल बना हुआ है। पिस्ता का दाम दोगुना हो गया है जबकि बादाम की कीमतों में भी 20 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। पश्चिम-एशिया में संकट बरकरार रहने तथा अमरीका, कैलिफोर्निया में उत्पादन घटने की वजह से बादाम एवं पिस्ता की कीमतों को ऊपर उठने का सहारा मिल रहा है।
व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि कीमतों में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी होने के कारण पिस्ता की मांग कमजोर देखी जा रही है। कम आपूर्ति एवं ऊंची कीमत की वजह से गिफ्ट पैकिंग कंपनियों को पिस्ता के बजाए अन्य सूखे मेवों की पैकिंग बढ़ाने पर ध्यान देना पड़ रहा है।
इसी तरह पैकिंग में बादाम की मात्रा भी घटाई जा रही है। दिलचस्प तथ्य यह है कि इन चुनौतियों के बावजूद पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान सूखे मेवों एवं नट्स के गिफ्ट पैक के कारोबार में 5-7 प्रतिशत का इजाफा देखा जा रहा है।
प्रीमियम एवं एस्कोटिक सूखे मेवों जैसे- मैकेडेनिया, पेकॉन तथा हेजलनट आदि के साथ-साथ फ्लेवर्ड काजू की पैकिंग एवं खुदरा बिक्री का कारोबार जोर शोर से हो रहा है। भारत में सूखे मेवों एवं नट्स का सालाना कारोबार बढ़कर 75,000 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच गया है जिसमें से 30-35 प्रतिशत का व्यापार सिर्फ त्यौहारी सीजन (दीपावली अवधि) के दौरान हो जाता है।
इस वर्ष ईरान, अफगानिस्तान एवं अमरीकन सहित अन्य उत्पादक एवं निर्यातक देशों में भाव बढ़ने से पिस्ता का आयात महंगा बैठ रहा है। कैलिफोर्निया में इस वर्ष पिस्ता का उत्पादन घटकर 40 प्रतिशत के करीब रह जाने का अनुमान है जिससे इसकी कीमत 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।